Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

एलन मस्क-मुकेश अंबानी के बीच क्या है विवाद, भारत में स्टारलिंक से किसका फायदा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 11, 2026
in विश्व
A A
jio vs starlink
25
SHARES
841
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। डियर प्राइम मिनिस्टर अंबानी, माफ कीजिए, मुझे समझ नहीं आया था कि भारत के असली बॉस आप ही हैं। जाहिर है, आप भारत के लोगों का शोषण करने वाले अपने एकाधिकार को बनाए रखना चाहेंगे लेकिन क्या आप स्टारलिंक को मुकाबला करने का मौका देंगे? एलन मस्क, बिजनेसमैन (टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक)

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने 9 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह पोस्ट किया। इसमें उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर तंज कसा। एलन मस्क की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है। भारत सरकार के हर कानून और जरूरतों का पालन करने में 5 साल बिताए हैं, फिर भी लाइसेंस क्यों नहीं मिला, क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?

इन्हें भी पढ़े

trump-putin

पुतिन को लेकर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, जेलेंस्की पर भड़के

October 11, 2026
Russian President Vladimir Putin

आर्कटिक की पिघलती बर्फ से मालामाल होगा रूस या घर पर दस्तक देगा सबसे बड़ा दुश्‍मन?

October 10, 2026
Indian AI

2032 तक अमेरिका में खाने-पीने की चीजों के बराबर पहुंच जाएगा AI का खर्च!

October 10, 2026
navi pillay

भारतीय मूल की नावी पिल्लई को मिला शांति का नोबेल, ट्रंप का सपना फिर टूटा

October 9, 2026
Load More

एलन मस्क का कहना है कि भारत के कई इलाकों में इंटरनेट की सुविधा नहीं है, जैसा कि दुनिया के दूसरे देशों में भी देखा जाता है। इसकी वजह से बच्चे शिक्षा के अवसरों से दूर रह जाते हैं और छोटे कारोबारियों को अपना सामान वैश्विक बाजार में बेचने का मौका नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि स्टारलिंक इन लोगों की ज़िंदगी बेहतर बना सकता है। लोगों के बीच अब इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या सच में एलन मस्क भारत के लोगों के बारे में सोच रहे हैं।

स्टारलिंक है क्या?

इस पूरे विवाद को समझने से पहले आपको यह समझना होगा आखिर स्टारलिंक है क्या? स्टारलिंक अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है और एलन मस्क स्पेसएक्स के मालिक हैं। आमतौर पर हमारे घरों और मोबाइल फोन में इंटरनेट मोबाइल टावर या केबल के जरिए पहुंचता है। स्टारलिंक अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट की मदद से इंटरनेट देता है। इसके लिए घर या ऑफिस की छत पर एक खास डिश और कुछ उपकरण लगाने होते हैं, जो सैटेलाइट से सिग्नल लेकर इंटरनेट कनेक्शन देते हैं।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन इलाकों में भी इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है, जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर है या केबल बिछाना मुश्किल है। ऐसे में   सैटेलाइट इंटरनेट सेवा से दूरदराज के गांवों, पहाड़ी इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को फायदा हो सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी उपकरण, बिजली और साफ आसमान की उपलब्धता भी मायने रखती है। स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं से देश की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर चिंताएं और समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

भारत सरकार ने नहीं दी मजूरी, अंबानी का नाम क्यों?

भारत सरकार ने अभी तक एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को कमर्शियल इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी नहीं दी है। स्टारलिंक को भारत में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए यानी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए कुछ जरूरी अप्रूवल का इंतजार कर रही है। हालांकि, इस लिस्ट में केवल स्टारलिंक का नाम नहीं है। रिलायंस जियो और भारती एयरटेल भी भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। रिलायंस जियो के मालिक मुकेश अंबानी हैं।

एक और खास बात यह है कि स्टारलिंक की जियो और एयरटेल दोनों के साथ साझेदारी भी है। मार्च 2025 में दोनों कंपनियों ने स्टारलिंक की डिवाइस और इंटरनेट सेवा भारत में बेचने के लिए उसकी कंपनी स्पेसएक्स के साथ समझौता किया था। हालांकि, इसके लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। एलन मस्क ने बुधवार को भारत में स्टारलिंक की सेवा शुरू करने में हो रही देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े कारोबारी समूह भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के बाजार पर अपना दबदबा बनाना चाहते हैं।

कहां अटक रही मंजरी?

भारत के संचार मंत्रालय ने इसपर जवाब देते हुए कहा कि तीनों ऑपरेटर स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस, अनुमोदन प्रक्रिया के लगभग एक ही चरण में हैं और तीनों को सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा मंजूरी के साथ स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए इंतजार करना होगा। इसका सीधा मतलब है कि कमर्शियल ऑपरेशन के लिए स्पेक्ट्रम दिए जाने से पहले कंपनी को अभी भी सिक्योरिटी असेसमेंट और दूसरी रेगुलेटरी जरूरतें पूरी करनी होंगी।

स्टारलिंक के साथ-साथ यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस भी मंजूरी की लगभग इसी प्रक्रिया में हैं। सिर्फ स्टारलिंक को अलग से रोका नहीं जा रहा है। सरकार का कहना है कि तीनों कंपनियों को सेवा शुरू करने से पहले सुरक्षा मंजूरी और इंटरनेट के लिए जरूरी स्पेक्ट्रम हासिल करना होगा। भारत में किसी कंपनी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। तीन सबसे बड़ी रुकावट के बारे में समझते हैं।

इसमें सबसे बड़ी रुकावट है सिक्योरिटी, भारत चाहता है कि जरूरत पड़ने पर स्टारलिंक के नेटवर्क की निगरानी, कानूनी इंटरसेप्शन और किसी इलाके या यूजर की सेवा रोकने की क्षमता हो। स्टारलिंक के सैटेलाइट आपस में लेजर से डेटा भेज सकते हैं, इसलिए सरकार इसके नेटवर्क की जांच कर रही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उसने भारत में 20 गेटवे और खास सिक्योरिटी कंट्रोल तैयार किए हैं।

दूसरी बड़ी रुकावट है FDI मंजूरी,  स्टारलिंक पूरी तरह स्पेसएक्स के स्वामित्व में है। इसलिए भारत में इसके विदेशी निवेश प्रस्ताव को भी मंजूरी चाहिए। 8 अक्टूबर तक यह मंजूरी लंबित थी। तीसरी रुकावट स्पेक्ट्रम है, यानी सैटेलाइट इंटरनेट के लिए जरूरी स्पेक्ट्रम की अंतिम कीमत और नियम अभी तय नहीं हुए थे। सरकार ने 5 फीसदी AGR के बराबर स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज का प्रस्ताव दिया है। आखिरी मंजूरी के बिना स्टारलिंक भारत में कमर्शियल सेवा शुरू नहीं कर सकता।

किन देशों में रोक, भारत में इससे क्या फायदा या नुकसान?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया में चीन में विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट पर कड़ी पाबंदी है, रूस में बिना अनुमति वाली सेवा पर रोक है और ईरान में सरकारी रोक के बावजूद कुछ लोग इसे चला रहे हैं। इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में पूरी रोक नहीं है, वहां स्थानीय लाइसेंस और नियम मानना जरूरी है। वहीं बात करें भारत की तो यहां अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है।

सैटेलाइट इंटरनेट सेवा से पहाड़ी और सीमावर्ती गांवों जैसे दूरदराज इलाकों में इंटरनेट पहुंच सकता है, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है। इससे पढ़ाई और घर से काम करने वालों को बेहतर कनेक्शन मिलेगा, और बाढ़ या भूकंप में टावर बंद होने पर संचार का एक और रास्ता भी रहेगा।

हालांकि, एक बड़ी समस्या यह बताई जा रही है कि इसकी कीमत ज्यादा होगी, जो आम आदमी के पहुंच से बाहर हो सकता है। इसके अलावा दूसरी तरफ़ डिश और उपकरण का शुरुआती खर्च और मासिक प्लान महगा रहा तो कम आय वाले परिवार इसे नहीं ले पाएंगे।

सोशल मीडिया पर लोग इसपर अलग-अलग राय दे रहे हैं, यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ने भी एलन मस्क के ‘स्टारलिंक’ और भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की प्रतिस्पर्धा पर एक वीडियो शेयर किया है।

सरकार चाहती है कि जरूरत पड़ने पर नेटवर्क की निगरानी और नियंत्रण हो सके, इसलिए सैटेलाइट के आपस में डेटा भेजने जैसी सुरक्षा शर्तों की जांच जरूरी है। नेटवर्क विदेशी कंपनी के हाथ में रहेगा, और जियो-एयरटेल को नया प्रतिस्पर्धी मिलेगा।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
State Transport Minister

प्रदेश परिवहन मंत्री ने ली परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम की समीक्षा बैठक

October 15, 2022
nda

लोकतंत्र में सबकी जय होती है!

June 5, 2024
NDA and opposition

NDA और UPA के लिए क्यों अहम हो गईं जीरो सीट वाली ये पार्टियां!

July 18, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • UP के इस जिले में किसानों को मुफ्त मिलेंगे सरसों के 16,500 बीज मिनीकिट!
  • 1 साल तक शांति भंग न करें, CJP नेता अभिजीत, आशुतोष, सौरभ रिहा, कोर्ट की शर्त
  • पुतिन को लेकर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, जेलेंस्की पर भड़के

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.