प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही देशभर में रामलीला मंचन की शुरुआत हो गई है। इसी कड़ी में नई दिल्ली के आरके पुरम सेक्टर-1 में भी पारंपरिक रामलीला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस रामलीला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक अनिल शर्मा कर रहे हैं।

रामलीला के शुभारंभ अवसर पर रामलीला समिति के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्थानीय संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। इस दौरान क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में योगदान देने वाले 100 से अधिक लोगों को मंच से सम्मानित किया गया।
11 वर्षों से रामलीला की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य : अनिल शर्मा
रामलीला समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि “भगवान श्रीराम की कृपा से आरके पुरम में पिछले कई वर्षों से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों से उन्हें भी इस आयोजन की अध्यक्षता करने और प्रभु श्रीराम की सेवा में योगदान देने का अवसर मिल रहा है, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है।”

उन्होंने कहा कि “इस वर्ष रामलीला समिति के सदस्यों, वाल्मीकि समाज के प्रधानों, विभिन्न मंदिरों के प्रधानों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, जाटव समाज के पदाधिकारियों और झुग्गी बस्तियों के प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सदस्य दयानंद जी, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बांगड़ा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय मंत्री मनोज जी सहित अन्य अतिथियों का भी सम्मान किया गया।”
अनिल शर्मा ने कहा कि “रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। रामलीला के माध्यम से लोगों को भाई-भाई के बीच प्रेम, परिवार के प्रति जिम्मेदारी, पिता के आदर्शों का सम्मान और जीवन में मर्यादा का पालन करने जैसी महत्वपूर्ण सीख मिलती है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि “भगवान श्रीराम की कृपा से इस वर्ष भी रामलीला का मंचन शानदार तरीके से संपन्न होगा और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त करेंगे।”
परंपरा, संस्कृति और भक्ति का संगम है आरके पुरम की रामलीला
आरके पुरम की रामलीला में स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष महत्व दिया जा रहा है। आयोजन से जुड़े लोग निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देकर इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक साज-सज्जा और पुराने अंदाज में रामलीला की प्रस्तुति को विशेष रूप से प्रमुखता दी जा रही है, जिससे दर्शकों को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का अवसर मिल सके।
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की शक्ति उपासना और भगवान श्रीराम की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व है। रामलीला का मंचन इसी आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। इसके माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय, सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश समाज तक पहुंचाया जाता है।
आरके पुरम सेक्टर-1 में आयोजित यह रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम बन रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेंगे।
संस्कारों की शान श्रीराम
मर्यादा, सत्य और धर्म की पहचान हैं श्रीराम,
प्रेम, त्याग और संस्कारों की शान हैं श्रीराम।
हर भाई में प्रेम हो, हर मन में सम्मान,
जीवन को आदर्श बना दें, ऐसे हैं प्रभु श्रीराम।







