प्रकाश मेहरा
पहल डेस्क
नई दिल्ली। नवरात्रों में रामलीला देखने की इच्छा रखने वाले लेकिन रोजाना समय नहीं निकाल पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जनकपुरी में विशेष आयोजन किया जा रहा है। जनकपुरी रामलीला कमेटी इस बार महज तीन घंटे में राम जन्म से लेकर रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामलीला प्रस्तुत करेगी। नवरात्रों के दौरान 15 से 20 अक्टूबर तक पांच दिन होने वाले इस मंचन की खासियत पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय होगी।
रामलीला को इस बार पूरी तरह हाईटेक स्वरूप देने की तैयारी है। मंचन में आधुनिक डिजिटल तकनीक, अत्याधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। तकनीक के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को अधिक जीवंत और प्रभावशाली बनाने का प्रयास होगा, ताकि दर्शकों को मंच पर घटनाओं का सजीव अनुभव मिल सके।
29 वर्षों से रामलीला का मंचन कर रही जनकपुरी रामलीला कमेटी का उद्देश्य भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है। इस बार तकनीक के माध्यम से खास तौर पर युवाओं और बच्चों को रामलीला से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
एक मंच पर पूरी रामायण के प्रमुख प्रसंग
तीन घंटे के इस विशेष मंचन में राम जन्म, सीता स्वयंवर, श्रीराम का वनवास, सीता हरण, हनुमान जी का लंका पहुंचना, लंका दहन, राम-रावण युद्ध, रावण वध और श्रीराम का राज्याभिषेक प्रमुख आकर्षण होंगे। करीब 150 कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे।
कमेटी के अध्यक्ष अश्वनी खन्ना और महासचिव नरेंद्र चावला के अनुसार, आज की व्यस्त दिनचर्या में हर व्यक्ति के लिए नवरात्रों के दौरान रोजाना रामलीला देखना संभव नहीं है। ऐसे श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए तीन घंटे में संपूर्ण कथा का मंचन किया जा रहा है। इससे परिवार के साथ आने वाले दर्शक एक ही अवसर पर श्रीराम के जीवन, संघर्ष और आदर्शों की पूरी यात्रा देख सकेंगे।
जनकपुरी रामलीला कमेटी ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस विशेष आयोजन में शामिल हों और परंपरा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम से प्रस्तुत रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहभागी बनें।







