लखनऊ। यूपी में भाजपा कार्यसमिति की शुक्रवार को बैठक थी. इस मीटिंग में होम मिनिस्टर अमित शाह पहुंचे और उन्होंने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए अर्जुन की तरह सत्ता वापसी का लक्ष्य बनाकर जुटने को कहा. उनका कहना था कि भाजपा की सरकार अंगद का पैर है और कोई इसे उखाड़ नहीं सकता. यही नहीं अमित शाह के संदेश के बाद शनिवार को भाजपा की संगठन बैठक भी हुई. इसमें बूथ लेवल तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया. यही नहीं अब भाजपा चुनाव प्रचार के लिए भी व्यापक तैयारियां करने में जुट गई है. ये तैयारियां ऐसे समय में हो रही हैं, जब विपक्ष वोट कटने जैसे तमाम आरोपों को लेकर सड़कों पर उतरा है.
भाजपा सूत्रों का कहना है कि पूरे यूपी में अमित शाह 18 बड़ी रैलियां करने वाले हैं. राज्य में कुल 18 मंडल हैं और सभी में होम मिनिस्टर की रैलियां होंगी. इन रैलियों में मंडल के सभी जिलों और विधानसभाओं से लोगों को बुलाया जाएगा. यही नहीं अमित शाह के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की भी इसी तर्ज पर रैलियां होंगी. करीब 20 रैलियां प्रधानमंत्री करने वाले हैं. इस तरह लगभग 40 रैलियां शीर्ष नेताओं की यूपी में होंगी. ऐसे समय में जब विपक्ष प्रदर्शनों में जुटा है, तब भाजपा यूपी में फिर से अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है.
एक तरफ अमित शाह ने 2014 की याद दिलाते हुए बूथ लेवल तक पहुंचने का संदेश दिया है तो संगठन के पेच उसके हिसाब से कसे जा रहे हैं. दूसरी तरफ बड़े नेताओं की रैलियां कराकर माहौल बनाया जा रहा है. जानकारी मिल रही है कि 7 नवंबर को अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में भी अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे और इस दौरान उनका संबोधन भी होगा. फिर दीवाली के बाद वह अन्य मंडलों में जाएंगे. ये मंडलवार रैलियां इस तरह होंगी ताकि अलग-अलग हिस्से कवर किए जा सकें. जैसे उदाहरण के तौर पर मेरठ मंडल की ही बात करें तो यदि अमित शाह की स्पीच मेरठ में होगी तो वहीं गाजियाबाद में नरेंद्र मोदी रैली कर सकते हैं.
संगठन के विस्तार में सैकड़ों नेताओं को जगह देकर हौसला बढ़ाया
भाजपा ने अपने संगठन को उत्तर प्रदेश में 6 क्षेत्रों के आधार पर विभाजित किया है. ऐसे में कोशिश है कि हर क्षेत्र में कम से कम तीन रैलियां होम मिनिस्टर अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी की हो जाएं. इन रैलियों में बड़े पैमाने पर लोगों को पहुंचाया जाए. इसके लिए बूथ लेवल तक संगठन के पेच कसे जा रहे हैं. यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोगों को संगठन में ही जगह दी गई है. हाल ही में 20 प्रकोष्ठों का भी भाजपा ने ऐलान किया है, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं को जगह मिली है. फिर सैकड़ों लोगों को कार्यसमिति में जगह दी गई है.






