पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 31 अक्तूबर 2026 को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर बिहार में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में यह एलान किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता का महान प्रतीक बताया। यह समारोह साझी विरासत अभियान द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने 567 रियासतों का भारत में विलय कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया। उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया।
रोजगार और औद्योगिक विस्तार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक बिहार में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा। उन्होंने नवंबर 2030 तक एक करोड़ परिवारों को उद्योग जगत से जोड़ने का भी लक्ष्य निर्धारित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े, इसके लिए राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है। औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्र, ताप विद्युत संयंत्र और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की पहल
मुख्यमंत्री ने अगले चार वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य बताया। राज्य के जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में काम किया गया है। यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण के मरीज को भेजता है, तो उसे इसका कारण बताना होगा। जिला अस्पतालों में 52 प्रकार की शल्य चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
एकता और विकास की विरासत
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को एकता के प्रतीक, भारत के निर्माता और महान महापुरुषों में से एक बताया। उन्होंने देश को जोड़ने के उनके ऐतिहासिक कार्य को याद किया। बिहार में स्थापित होने वाली सरदार पटेल की प्रतिमा अब तक की सबसे बड़ी होगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देश को 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने के संकल्प का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वे भी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ अपने लक्ष्यों को पूरा करने में विश्वास रखते हैं। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।







