नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करने और सदन चलने देने की अपील की। शाह ने कहा कि यदि विपक्ष एसआईआर पर चर्चा करना चाहता है तो सरकार इसके लिए तैयार है।
राज्योत्सव के समापन समारोह में पहुंचे शाह
अमित शाह मंगलवार को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होने अटल नगर-नवा रायपुर पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। इस दौरान शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन, विकास, नक्सलवाद के खात्मे और राज्य की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया।
वाजपेयी को दिया छत्तीसगढ़ गठन का श्रेय
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की थी। शाह के मुताबिक, उस समय इस क्षेत्र के साथ अन्याय हो रहा था और विकास की गति रुकी हुई थी। राज्य के गठन ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को संवारने और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया।
नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर बढ़ा राज्य
गृह मंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। यह राज्य के लिए गौरव, उपलब्धि और संकल्प का अवसर है। उन्होंने इस उपलब्धि में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के योगदान की सराहना की।
कांग्रेस पर असंवैधानिक व्यवस्थाओं के समर्थन का आरोप
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों और सांसदों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जनता की ओर से चुनी हुई सरकार नहीं थी, वहां नक्सलियों ने अपना अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बना रखा था। शाह ने सवाल किया कि आखिर किस संविधान ने उन्हें ऐसी सरकार चलाने का अधिकार दिया था।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को पेड़ों पर लटकाकर फांसी दी। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद में ऐसे लोगों और व्यवस्थाओं का समर्थन करते हैं।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का किया उल्लेख
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास और गुरु नानक देव के संदेशों में समानता, सेवा और सत्य का भाव छत्तीसगढ़ की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने राज्य की लोक संस्कृति को जीवित रखने और आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों की सराहना की।
पंथी से पंडवानी तक, लोक परंपराओं का जिक्र
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ पंडुम, बस्तर ओलंपिक, पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य जैसी सांस्कृतिक परंपराओं का जिक्र किया। उन्होंने ढोकरा कला, बेल मेटल, कास्ट क्राफ्ट और कोसा जैसी हस्तकलाओं को राज्य की विशिष्ट पहचान बताया। शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाली बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा को भी राज्य सरकार ने नई पहचान दी है।
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प पर जोर
अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य की पहचान दी थी और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।







