नई दिल्ली। देश में अब ठंड की विदाई हो गई है गर्मी का लोग स्वागत करने को तैयार हैं. लेकिन देश में इस साल गर्मी का असर सामान्य नहीं रहने वाला. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मार्च से ही तापमान तेज रफ्तार पकड़ सकता है और मई तक हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं. IMD ने चेतावनी दी है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव दिन देखने को मिलेंगे. यानी गर्म हवाओं का दौर लंबा चलेगा और राहत कम मिलेगी. विशेषज्ञ इसे ‘हीट एक्सप्लोजन’ जैसी स्थिति बता रहे हैं. जहां अचानक तापमान तेजी से बढ़ेगा और कई पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 125 सालों के तापमान ट्रेंड को देखते हुए इस बार गर्मी का पैटर्न असामान्य दिखाई दे रहा है. फरवरी में ही तापमान औसत से ज्यादा दर्ज किया गया और ठंड लगभग गायब रही. यही संकेत है कि गर्मी जल्दी और ज्यादा तीव्र रूप में आएगी. मार्च से मई के बीच लू का असर खासतौर पर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में ज्यादा रहेगा. बुजुर्गों, बच्चों, आउटडोर काम करने वालों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा पड़ेगी लू?
IMD के अनुसार पश्चिम राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र के कई हिस्से, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर कर्नाटक और उत्तर तमिलनाडु में सामान्य से अधिक हीटवेव दिन दर्ज हो सकते हैं. इन क्षेत्रों में तापमान लगातार ऊंचा बना रह सकता है और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं.
मार्च महीने में हालांकि कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी. मौसम विभाग का कहना है कि मार्च में देशभर में औसत बारिश सामान्य रहने की संभावना है, इससे शुरुआती दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि फिलहाल कमजोर ला नीना (La Nina) स्थितियां बनी हुई हैं, जो आगे चलकर न्यूट्रल ENSO स्थिति में बदल सकती हैं. यही बदलाव गर्मी के पैटर्न को प्रभावित करेगा. फरवरी 2026 में देश में 2001 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई और कोई ठंडी लहर नहीं चली. यही वजह है कि जमीन पहले से गर्म हो चुकी है और आने वाले महीनों में हीटवेव की संभावना बढ़ गई है.







