Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home जुर्म

एक फोन से शुरू हुआ महा ठगी का खेल!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 18, 2025
in जुर्म, राष्ट्रीय
A A
fraud
16
SHARES
533
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। बेंगलुरु में रहने वाली 57 साल की एक वरिष्ठ आईटी प्रोफेशनल के साथ जो हुआ, उसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे. साइबर ठगों ने इस पढी-लिखी महिला को फंसाया, डराया, धमकाया और छह महीनों तक डिजिटल तरीके से अपनी ‘कस्टडी’ में रखा और सीबीआई का भय दिखाकर 187 अलग-अलग ट्रांज़ैक्शन करवाकर कुल 31.83 करोड़ रुपये ठग लिए गए.

यह मामला कर्नाटक ही नहीं, देश के सबसे बड़े डिजिटल-अरेस्ट यानी ऑनलाइन हाउस-अरेस्ट स्कैम में से एक माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अगर महिला किसी से बात कर लेती या फोन काट देती तो वह इस महाठगी से बच सकती थी. लेकिन, उसने ऐसा नहीं किया और छह महीने तक न केवल मानसिक यंत्रणा झेली, बल्कि अपनी सारी जमा पूंजी गंवा बैठी.

इन्हें भी पढ़े

गिरफ्तार

साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

March 29, 2026
toll plazas

एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स

March 29, 2026
png gas

भारत में कहां से आती है पीएनजी, युद्ध में भी जिस पर नहीं पड़ रहा कोई असर!

March 29, 2026
Petrol-Diesel

ईरान युद्ध के बावजूद भारत में क्यों नहीं बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?

March 29, 2026
Load More

खेल की शुरुआत 15 सितंबर 2024 को हुई, जब पीड़िता को DHL कर्मचारी बनकर किसी का फोन आया. कॉलर ने कहा कि उनके नाम से मुंबई ऑफिस में एक संदिग्ध पार्सल पकड़ा गया है जिसमें पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड और प्रतिबंधित MDMA ड्रग्स मिले हैं. महिला ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई पार्सल नहीं भेजा. तभी कॉलर ने दावा किया कि यह गंभीर साइबर क्राइम हो सकता है और उनका फोन नंबर इस मामले में फंस सकता है. इससे पहले कि महिला कुछ समझ पातीं, कॉल को एक कथित “CBI अधिकारी” से जोड़ दिया गया.

नकली सीबीआई अधिकारी ने दी धमकी

यहीं से असली ठगी शुरू हुई. नकली अधिकारी ने उन्हें बताया कि उन पर संगठित अपराध से जुड़े होने का शक है और उन पर नज़र रखी जा रही है. डर का माहौल बनाकर उनसे कहा गया कि वे न तो स्थानीय पुलिस से संपर्क करें और न ही किसी को इस बारे में बताएं. महिला के बेटे की शादी नज़दीक थी. परिवार, समाज और इज्जत को लेकर डर पैदा करते हुए ठगों ने कहा कि किसी से बात करते ही उन्हें जेल हो सकती है और परिवार को नुकसान पहुंच सकता है. डर के कारण महिला फौरन उनके जाल में फंस गईं.

लगातार कैमरे की निगरानी में रखा

ठगों ने उसे आदेश दिया कि वो लगातार Skype वीडियो कॉल पर रहे और कैमरा हमेशा ऑन रखे. उन्हें कहा गया कि यह उनकी “CBI जांच” का हिस्सा है और उनकी हर गतिविधि की निगरानी जरूरी है. एक आदमी, जिसने खुद को ‘CBI अधिकारी प्रदीप सिंह’ बताया, ने एक अन्य व्यक्ति ‘राहुल यादव’ को महिला की निगरानी में लगाया. महिला घर से काम भी करती रहीं लेकिन कॉल काटने की इजाजत नहीं थी.

187 ट्रांज़ैक्शन और 32 करोड़ की ठगी

23 सितंबर को उन्हें एक होटल में बुलाया गया, जहां स्काइप के जरिए घंटों पूछताछ की गई. इसके बाद “RBI की Financial Intelligence Unit” के नाम पर उनके सभी बैंक अकाउंट, संपत्ति और निवेश का पूरा विवरण मांगा गया. ठगों ने कहा कि जब तक जांच जारी है, उनके खाते में रखा पैसा “सिक्योरिटी रिज़र्व” के तौर पर जमा कराना होगा, ताकि उनका नाम क्लियर हो सके.म डरी हुई महिला ने 6 महीनों में 187 बार पैसे ट्रांसफर किए, जिसकी कुल रकम ₹31.83 करोड़ हो गई. ठगों ने यह भी वादा किया कि फरवरी 2025 में उन्हें पूरा पैसा वापिस मिल जाएगा. दिसंबर में उनके बेटे की सगाई से ठीक पहले, उन्हें एक नकली “क्लियरेंस सर्टिफिकेट” भी भेज दिया गया ताकि वह और आश्वस्त हो जाएं.

बीमारी में भी जारी रहा अत्याचार

स्कैम के बीच महिला को गंभीर तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. लेकिन अस्पताल में भी ठगों ने उन्हें रोज स्काइप पर रिपोर्ट देने के लिए मजबूर किया. डर, तनाव और लगातार निगरानी के चलते वह मानसिक रूप से टूटने लगीं, लेकिन फिर भी इस जाल से बाहर नहीं निकल सकीं. 26 मार्च 2025 को अचानक ठगों ने पूरी तरह संपर्क तोड़ दिया. कई महीने तक महिला को लगा कि शायद जांच चल रही है, लेकिन अंत में उन्होंने समझा कि वह एक बड़े साइबर रैकेट की शिकार बनी हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

लोकसभा चुनाव: राहुल गाँधी बोले-‘एक झटके में हम हिंदुस्तान से गरीबी मिटा देंगे’

April 12, 2024
CM Dhami

स्व. साहित्यकार श्री शैलेश मटियानी को ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025’

November 18, 2025
Sonia-Rahul

तब कांग्रेस मुस्लिम लीग की दुश्मन थी, अब…

June 3, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
  • एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स
  • भारत में कहां से आती है पीएनजी, युद्ध में भी जिस पर नहीं पड़ रहा कोई असर!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.