प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12,748 क्लासरूम निर्माण में कथित 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन जारी किया है। सत्येंद्र जैन को 6 जून और मनीष सिसोदिया को 9 जून, 2025 को पूछताछ के लिए दिल्ली में ACB कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।
पूरा मामला क्या है ?
30 अप्रैल, 2025 को ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत सिसोदिया और जैन के खिलाफ FIR दर्ज की। यह मामला 2015-16 में AAP सरकार के दौरान दिल्ली में क्लासरूम और अर्ध-स्थायी संरचनाओं (SPS) के निर्माण में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
एक क्लासरूम की लागत 24.86 लाख रुपये थी, जबकि सामान्य लागत 5 लाख रुपये होनी चाहिए थी।प्रति वर्ग फुट लागत 1,200 रुपये के बजाय 2,292 रुपये तक पहुंची। SPS संरचनाओं (30 साल की उम्र) को स्थायी RCC संरचनाओं (75 साल की उम्र) जितनी लागत पर बनाया गया, जिससे कोई बचत नहीं हुई।
ठेकों में अनियमितता
34 ठेकेदारों को ठेके दिए गए, जिनमें से कई कथित तौर पर AAP से जुड़े थे। सलाहकार और आर्किटेक्ट की नियुक्ति बिना उचित प्रक्रिया के हुई। जून 2016 तक तय लागत पर काम पूरा होना था, लेकिन कोई भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की तकनीकी जांच में विसंगतियां सामने आईं, जिन्हें तीन साल तक दबाया गया।
बीजेपी की शिकायत
2019 में बीजेपी नेताओं मनोज तिवारी, हरीश खुराना, कपिल मिश्रा और नीलकांत बख्शी ने शिकायत दर्ज की थी, जिसमें AAP पर भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्च का आरोप लगाया गया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की भी मांग की है।
AAP का जवाब
AAP ने इसे बीजेपी की “राजनीतिक साजिश” बताया, खासकर तब जब सिसोदिया और जैन को पंजाब AAP इकाई का प्रभारी और सह-प्रभारी बनाया गया। AAP प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री, मनीष सिसोदिया शराब नीति घोटाले में 17 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर। पूर्व PWD मंत्री, सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 18 महीने जेल में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में जमानत पर रिहा। यह नया मामला दोनों नेताओं की मुश्किलें बढ़ा सकता है, जो पहले से ही जांच का सामना कर रहे हैं। ACB की पूछताछ और जांच के नतीजे AAP की छवि और दिल्ली-पंजाब की सियासत को प्रभावित कर सकते हैं।







