रोहतास। रोहतास जिले के डेहरी के न्यू एरिया स्थित वार्ड नंबर 17 में रविवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब एक किराए के मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण की गतिविधियां चलाई जा रही हैं. इसके बाद उन्होंने सभा को रुकवा दिया और पुलिस को सूचना दी.
मामला डेहरी के न्यू एरिया में शीतला माता मंदिर के पास स्थित एक किराए के मकान का बताया जा रहा है. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से यहां अलग-अलग गांवों से लोगों को बुलाकर प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी. उनका आरोप है कि सभा में आने वाले लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि इन सभाओं में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहते हैं.
सूचना मिलने के बाद डेहरी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने वहां मौजूद आयोजकों से पूछताछ की और बिना प्रशासनिक सूचना या अनुमति के इस तरह भीड़ इकट्ठा करने पर आपत्ति जताई. पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से कहा कि आगे अगर किसी प्रकार की प्रार्थना सभा या चंगाई सभा आयोजित की जाती है तो इसकी जानकारी पहले स्थानीय प्रशासन या थाना को देनी होगी.
शीतला माता मंदिर के पास प्रार्थना सभा को लेकर हंगामा
वहीं, प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को गलत बताया. उनका कहना था कि वे लोग सप्ताह में एक दिन एकत्र होकर केवल प्रार्थना करते हैं और यहां किसी तरह का धर्मांतरण नहीं कराया जाता है. आयोजकों के अनुसार यह सिर्फ धार्मिक प्रार्थना का कार्यक्रम था, जिसे लेकर गलतफहमी पैदा की गई.
हालांकि, पुलिस ने फिलहाल बिना अनुमति चल रही सभा को बंद करवा दिया है और आगे से नियमों का पालन करने की हिदायत दी है. पुलिस अधिकारियों ने मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से फिलहाल बचते हुए कहा कि जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.
डेहरी में सभा को लेकर आमने-सामने आए दो पक्ष
इधर, स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है. कुछ लोगों का आरोप है कि निजी मकान में चर्च जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. वहीं दूसरी ओर आयोजक लगातार इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि प्रार्थना सभा सिर्फ धार्मिक आयोजन थी या फिर आरोपों में कितनी सच्चाई है.







