गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के कार्यान्वयन की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी।
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार की रात मिजोरम में बिताई, जहां उन्होंने असम राइफल्स के एक कार्यक्रम में भाग लिया। अमित शाह ने रविवार को दिन की शुरुआत कोकराझार के दौरे से की। यहां उन्होंने ‘ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन’ (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया। एबीएसयू ऐतिहासिक बोडो शांति समझौते का एक हस्ताक्षरकर्ता था। इस समझौते पर पांच साल पहले हस्ताक्षर किए गए थे।
ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन को किया संबोधित
‘ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन’ (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “हमने जब बोडो समझौते पर हस्ताक्षर किए तो कांग्रेस ने मजाक उड़ाया, लेकिन इससे बोडोलैंड में शांति और विकास आया। समझौते के 82 प्रतिशत प्रावधान लागू हो गए हैं और अगले दो वर्षों में 100 प्रतिशत प्रावधान लागू हों जाएंगे। केंद्र ने 35 लाख की आबादी वाले बोडोलैंड के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये दिए।” अमित शाह ने आगे कहा, “बोडो युवाओं को अहमदाबाद में प्रस्तावित 2036 ओलंपिक की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।”
मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक
वहीं अधिकारियों ने बताया कि अमित शाह असम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के लिए दोपहर में गुवाहाटी पहुंचेंगे। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बैठक में मणिपुर का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। मणिपुर में पिछले महीने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद से राष्ट्रपति शासन लागू है।
उन्होंने बताया कि बैठक में प्रत्येक राज्य बीएनएस के कार्यान्वयन में अब तक की गई प्रगति की जानकारी देगा। इसके बाद अमित शाह रात में नई दिल्ली रवाना होंगे। बता दें कि वह शुक्रवार रात असम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने शनिवार को मिजोरम के लिए उड़ान भरने से पहले गोलाघाट में पुनर्निर्मित लचित बरफुकन पुलिस अकादमी का उद्घाटन किया था।







