विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने अधिकारियों और भूमाफिया के बीच गठजोड़ होने का आरोप लगाकर अफसरों की संपत्ति की जांच की मांग की। मोर्चा ने इस संबंध में तहसील का घेराव किया। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर तत्काल अपनी टीम से बाहर करने की मांग की है।
तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में मोर्चा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों ने भूमाफिया से साठगांठ कर गरीबों की जमीन का फर्जीवाड़ा कर अपने और अपने सगे संबंधियों के नाम पर औने पौने दामों पर करवा दी। कहा कि जिलों में उच्च पदों पर रहकर अधिकारियों ने जो फर्जीवाड़े किये उसकी गहनता से जांच पड़ताल की जानी चाहिए। ताकि प्रदेश को भ्रष्ट अधिकारियों के चंगुल में फंसने से बचाया जा सके। मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड में तहलका मचाने वाली इन बडी घटनाओं के बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कहा कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार अपने भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है। जिसकी पोल जनता के सामने खुल चुकी है। कहा कि अब जनता को अधिक समय तक गुमराह नहीं किया जा सकता है। सरकार को भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी।
प्रदर्शनकारियों में दिलबाग सिंह, विजयराम शर्मा, नरेन्द्र तोमर, के.सी. चंदेल, राम प्रसाद सेमवाल, अकरम सलमानी, मुजीब उर रहमान सलीम, भगत सिंह नेगी, विनोद जैन, सुशील भारद्वाज, अंकुर चौरसिया, सत्येंद्र रावत, सफदर अली, सलीम मिर्जा,गोविंद नेगी, दिनेश राणा, अमित कुमार, सतीश सेमवाल ,प्रवेश सायरा बानो, तारा नेगी, ,चौ.मामराज, जय देव नेगी, जयपाल सिंह, मुकेश पसबोला, किशन पासवान, नीरज कुमार, जाबिर हसन, संतोष शर्मा, प्रमोद शर्मा, रवि गुलेरिया, निर्मला देवी, भागवत बिष्ट, देव सिंह चौधरी ,मदन, राजेश्वरी क्लार्क, सुनील कुमार, अवतार सिंह आदि शामिल रहे।






