प्रयागराज: एसडीएम ज्योति मौर्य और उसके पति आलोक मौर्य के बीच चल रहे विवाद में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे का नाम सामने आने के बाद से होमगार्ड विभाग ने जांच शुरू क दिया है। इससे नए-नए खुलासे रहे हैं। होमगार्ड विभाग की जांच में हुआ खुलासा कि विभागीय उच्चाधिकारियों से बिना लीव लिए कमांडेंट मनीष दुबे ऑफिस से नदारद रहते थे। आलोक मौर्य की शिकायत में कहा गया है कि दोनों कई शहरों में होटल्स में रुका करते थे। हालांकि होमगार्ड विभाग की जांच में मनीष दुबे ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने किसी शहर में होटल में रूम लिया था। जबकि जांच में उनके आधार कार्ड से होटल में रूम बुक होना और रात में दो लोगो के होटल में रुकने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों की माने तो होमगार्ड विभाग की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि मनीष दुबे किसके साथ जाया करते थे ये पुलिस की जांच में ही सामने आ सकता है । लेकिन ये विभागीय मामला है कि वो बिना बताए ड्यूटी से लापता रहे है। मनीष दुबे अपने पद का इस्तेमाल कर अपने अधीनस्थ महिला होमगार्ड का शोषण करते थे। 2018 में अमरोहा में नियुक्ति के दौरान महिला होमगार्ड ने मनीष पर दवाब बनाकर जबरन घर पर खाना बनवाने का आरोप लगाया था और इसके संबंध में शपथ पत्र भी विभाग के अफसरों को दिया था।
एसडीएम ज्योति मौर्या के साथ अफेयर को लेकर चर्चा में आए होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के सस्पेंशन को रोक दिया गया है। DG की तरफ से जांच के बाद सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी। लेकिन प्रमुख सचिव होमगार्ड ने ऑर्डर पर रोक लगा दी है। शासन का मानना है कि जांच ठीक से नहीं की गई है। ऐसे में अब दोबारा जांच कराई जा सकती है। बता दें कि ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या ने आरोप लगाया था कि पीसीएस बनने के बाद उनकी पत्नी और मनीष दुबे के बीच अफेयर शुरू हो गया था। इसी वजह से उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती है।






