जयपुर : राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा मुख्यमंत्री पद को लेकर नाम फाइनल करने में लगी हुई है। इस बीच, मीडिया में सूत्रों के हवाले से उपमुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी राजस्थान में भी 2 डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला अपना सकती है। माना जा रहा है कि राजनीतिक और जातिगत समीकरणों को साधने के मकसद से यह कदम उठाया जा सकता है। राज्य में राजपूत, ब्राह्मण, मीणा और जाट समुदाय के लोगों की बहुलता है और कई नेताओं की मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ है।
बीजेपी फिलहाल उस रणनीति पर काम कर रही है जिसके तहत सरकार में सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व नजर आए। साथ ही 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक आयामों को भी साधने की तैयारी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसे लेकर फिलहाल पार्टी स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है जिस पर आलाकमान से मंजूरी मिलने का इंतजार होगा। टीओआई ने पार्टी से जुड़े सीनियर नेता के हवाले से बताया, ‘फिलहाल पूरा ध्यान मुख्यमंत्री का नाम फाइनल करने पर है। एक बार सीएम पद को लेकर प्रक्रिया पूरी हो जाए तो डिप्टी सीएम को लेकर बैठकें होंगी।’
भाजपा आलाकमान पर जातीय आधारित नेताओं का दबाव
दरअसल, भाजपा आलाकमान पर जातीय आधारित नेताओं का भी दबाव है। ये लोग लगातार इस बात की मांग कर रहे हैं कि उनके नेताओं को मौका दिया जाए। साथ ही सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म्स पर भी इसे लेकर कैंपेन चलाए जा रहे हैं ताकि उनकी ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके। प्रदेश में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद सीएम के नाम को लेकर लोगों में उत्सकुता बढ़ती जा रही है। अब इसमें समय लगने पर यह उत्सुकता और ज्यादा बढ़ गई है। भाजपा की वसुंधरा राजे, बालक नाथ, गजेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र सिंह राठौड़, अश्वनी कुमार, दीया कुमारी, ओम माथुर ओम बिरला सहित कई नेताओं के नामों की चर्चा लोगों में हो रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विधायक दल की बैठक के बाद कौन होगा मुख्यमंत्री का भी पता चल जाएगा।







