नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कथित ‘शराब घोटाले’ पर सीएजी रिपोर्ट विधानसभा में पेश कर दी है. इसके बाद से बीजेपी के नेता हमलावर हैं. वे बार-बार कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल के लिए मुसीबत शुरू हो गई है. अब वे फिर जेल जाएंगे. लेकिन आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी रिपोर्ट पढ़ने के बाद काफी खुश नजर आईं. उन्होंने कैग रिपोर्ट पर प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि आम आदमी पार्टी जो बातें कह रही थी, वही बात इस रिपोर्ट से भी उजागर हुई है.
आतिशी ने कहा, आज आबकारी नीति पर कैग रिपोर्ट विधानसभा में रखी गई. इस रिपोर्ट के 8 चैप्टर में से 7 चैप्टर में 2017 से 2021 तक जो आबकारी नीति लागू रही, उसके बारे में बताता है. तब पुरानी एक्साइज पॉलिसी लागू थी. आम आदमी पार्टी की सरकार ने पुरानी आबकारी नीति में हो रहे करप्शन को बार-बार उजागर किया था. बताया था कि शराब के दाम को कैसे इन्फ्लेट किया जाता था. बार-बार हमने बताया कि पुरानी नीति में भ्रष्टाचार की वजह से लगातार हरियाणा और UP से शराब स्मगल होकर दिल्ली आती रही. आज इस CAG की रिपोर्ट ने AAP की उस बात पर मुहर लगा दी है.
तब क्या हो रहा था आतिशी ने बताया
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा- तब 28% कम की शराब की बिक्री रिपोर्टिंग हो रही थी. शराब के दलालों की जेब में पैसे जा रहे थे. जिनके पास ठेके थे, वहां से शराब की स्मगलिंग हो रही थी. इससे दिल्ली सरकार को रेवेन्यू लॉस हो रहा था. इन शराब के ठेकेदारों ने गलत तरीके से प्राइस कैलकुलेट किया. ये रिपोर्ट बार बार दोहरा रही है कि पुरानी आबकारी नीति से दिल्ली सरकार की रेवेन्यू लॉस हो रहा है. आज कैग रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने ओल्ड एक्साइज पॉलिसी को हटाकर सही फैसला लिया.
पंजाब का उदाहरण सामने
आतिशी ने कहा, हम सीएजी रिपोर्ट के आधार पर भाजपा के एलजी, सीबीआई और ईडी के खिलाफ जांच की मांग करते हैं. उन्होंने उस नीति में बाधा क्यों डाली जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ. पंजाब में लागू नई आबकारी नीति से राजस्व में 65% की वृद्धि हुई. अगर दिल्ली में नई आबकारी नीति को बेहतर तरीके से लागू किया जाता तो राजस्व 11,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता था.







