Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

क्या चुनावों को प्रभावित कर सकता है AI?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 25, 2024
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
artifical Intelligence
23
SHARES
778
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

आर्चिस चौधरी


नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के लिए चल रहे चुनावों के मद्देनजर इस बात को समझने के लिए कि क्या एआई टेक्नोलॉजी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इण्डियन विमन प्रेस कॉर्प्स में एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। जिसमें जाने माने AI विशेषज्ञ- बूम के वरिष्ठ संवाददाता आर्चिस चौधरी, ‘फेमिनिज्म इंडिया ‘ की सीईओ जपलीन पसरीचा, एआई थॉट लीडर कार्तिक शर्मा, इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की एसोसिएट पॉलिसी काउंसिल तेजसी पंजियार शामिल थे।

इन्हें भी पढ़े

chenab river

सिंधु जल संधि पर ताले के बाद चेनाब पर क्‍या है भारत का प्‍लान?

February 8, 2026
Shivraj singh

भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था को देगी नई ऊंचाइयां और गति : शिवराज सिंह

February 8, 2026
budget

इस वित्त वर्ष बड़ी योजनाओं पर खर्च नहीं हो पाया आधा भी बजट, किसानों की इस स्कीम में सबसे कम खर्च

February 8, 2026
mohan bhagwat

संघ कहेगा तो पद से इस्तीफा दे दूंगा, पर कभी नहीं लूंगा रिटायरमेंट : मोहन भागवत

February 8, 2026
Load More

एआई का उपयोग कुछ समय से किया जा रहा है लेकिन जेनेरेटिव एआई ने चुनाव प्रक्रिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव डाले हैं। जेनरेटिव एआई का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि इसने सूचना के प्रसंस्करण में क्रांति ला दी है। बूम के वरिष्ठ संवाददाता आर्चिस चौधरी के अनुसार, जेनेरेटिव एआई का प्रभाव पहले से ही मौजूदा चुनावों में देखा जा सकता है पर मतदान के आस पास और अधिक देखा जा सकता है। उनका ये भी मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल राजनीतिक दलों द्वारा दुष्प्रचार अभियान के रूप में किया जा सकता है, जैसे “डीप फेक का चलन बढ़ रहा है और जवाबदेही नहीं होने के कारण, इसका भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।”

भारत में ‘फेमिनिज्म इंडिया’ की संस्थापक-सीईओ जपलीन पसरीचा के अनुसार, “एआई और ऑनलाइन दुर्व्यवहार भी आपस में जुड़े हुए हैं और पत्रकारों से दुर्व्यवहार होने का अधिक खतरा है”। एआई प्रौद्योगिकी “दोधारी तलवार” है जिसके ट्रोलिंग सहित कई नकारात्मक पक्ष हैं। उन्होंने कहा, “एआई से डीप फेक बनाना महिलाओं को सबसे अधिक प्रभावित करता है”, इसलिए नफरत भरे भाषण और दुर्व्यवहार को रोकने के लिए एक प्रॉपर सिस्टम होना चाहिए। “सोशल मीडिया कंपनियों को इस टेक्नोलॉजी के तेजी से फैलने से पहले ही, ऐसी चीजों के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने चाहिए। जब भी कोई नई तकनीक पेश की जाती है तो लैंगिक भेदभाव होना एक आम बात है क्योंकि इंटरनेट समाज के बड़े हिस्से को प्रतिबिंबित करता है।”

एआई थॉट लीडर कार्तिक शर्मा ने हालांकि कहा कि राजनीतिक दलों और राजनेताओं द्वारा अपनी छवि को बेहतर बनाने के लिए चुनाव के दौरान एआई का बहुत प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है, लेकिन समस्या प्रतिरूपण के मामले में दिखाई देती है। “चुनाव के दौरान उम्मीदवार का स्केलेबल संस्करण बनाने के लिए यह एक शानदार माध्यम है”। उन्होंने यह भी कहा, “डीप फेक कंटेंट के मामले में अस्पष्ट आईटी कानूनों के कारण कंटेंट क्रिएटर्स के स्रोत को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। क़ानून में जेनरेटिव एआई की परिभाषा स्पष्ट नहीं है जिसके कारण जवाबदेही तय करने में समस्या आती है।”

इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की एसोसिएट पॉलिसी काउंसिल तेजसी पंजियार ने कहा कि एआई का मीडिया की वैधता पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डीप फेक के खतरे पर आईटी मंत्रालय की नीति में गहरी खामियां हैं, ऐसे में “राजनीतिक दलों की भी जवाबदेही होनी चाहिए”।

 

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
donald trump

भारतीय दर्शन को अपनाकर वैश्विक समस्याओं का हल निकाल सकते हैं ट्रम्प प्रशासन!

August 8, 2025
Rashtriya Divyang Sena

रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रीय दिव्यांग सेना का रेल भवन पर हल्ला बोल!

May 21, 2025
Shivraj Singh Chouhan's

शिवराज सिंह चौहान के घर गूंजी किलकारी, पोती का नाम रखा ‘इला’ – देवी से जुड़ा है गहरा धार्मिक महत्व

January 22, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सिंधु जल संधि पर ताले के बाद चेनाब पर क्‍या है भारत का प्‍लान?
  • माता वैष्णो देवी के आसपास भी दिखेगा ‘स्वर्ग’, मास्टर प्लान तैयार!
  • ग्रेटर नोएडा में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, 4 गिरफ्तार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.