नई दिल्ली। भारत के उभरते हुए पहलवान सुजीत कलकल ने आखिर दिखा दिया कि क्यों वो दुनिया में नंबर-1 रेसलर हैं और क्यों उन्हें भारतीय रेसलिंग में भविष्य का सितारा बताया जा रहा है. पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे सुजीत ने एक हैरतअंगेज प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया. पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में बजरंग पुनिया जैसे दिग्गज रेसलर की जगह लेने वाले सुजीत ने एशियन गेम्स 2026 में चैंपियन बनकर ही दम लिया. फाइनल में आखिरी 15 सेकेंड में सुजीत ने 2 पॉइंट हासिल कर ताजिकिस्तान के रेसलर के मुंह से जीत छीन ली.
पिता से सीखे कुश्ती के दांव-पेच
आइची-नागोया में चल रहे गेम्स के 13वें दिन सुजीत ने अपने दांव-पेच का ये कमाल दिखाया, जो उन्होंने सबसे पहले अपने पिता से सीखे थे. हरियाणा के भिवानी के इमलोटा गांव से आने वाले सुजीत के पिता भी नेशनल लेवल के रेसलर थे और उन्होंने ही अपने बेटे को भी इस खेल में हिस्सा लेने को प्रेरित किया. खुद उन्होंने ही गांव के अखाड़े में सुजीत को रेसलिंग के शुरुआती गुर सिखाए थे, जिसके दम पर ही सुजीत आगे बढ़े.
पिता से सीखे हुए गुर और बाद में अपने अलग-अलग कोचों से सीखी टेक्नीक का पूरा नजारा सुजीत ने एशियन गेम्स में दिखाया. शुक्रवार 2 अक्टूबर को सुजीत ने पुरुषों की 65 किलो कैटेगरी के शुरुआती राउंड में ही एकतरफा जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. मगर यहां उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जापान के ही स्टार रेसलर कियूको की थी, जो मौजूदा ओलंपिक चैंपियन भी हैं. सुजीत ने इस चुनौतू को भी पार कर लिया और फाइनल में जगह बनाकर हर किसी को चौंका दिया.
7 पॉइंट्स से पिछड़े, फिर ऐसे की वापसी
फाइनल में सुजीत का सामना ताजिकिस्तान के रेसलर से था, जिसने पहले राउंड में ही 9-2 की बढ़त हासिल करते हुए मैच का नतीजा तय कर दिया था. कम से कम हर किसी को तो यही लग रहा था लेकिन सुजीत के इरादे बिल्कुल अलग थे. आखिरी राउंड में जब सिर्फ 2 मिनट का खेल बचा हुआ था, तब सुजीत ने एक के बाद एक दांव मारे और 2-2 पॉइंट्स हासिल करते हुए स्कोर को 9-8 तक पहुंचा दिया. मगर आखिर में ताजिक रेसलर ने डिफेंस पर फोकस किया, ताकि वो गोल्ड जीत सके.
मगर जब सिर्फ 15 सेकेंड बाकी थे, तभी सुजीत ने आखिरी बार ताजिक रेसलर का पैर पकड़कर उसे मैट पर गिरा दिया और 2 पॉइंट्स हासिल कर लिए. इसके बाद ताजिक रेसलर के पास वापसी का कोई मौका नहीं था और सुजीत ने हैरतअंगेज अंदाज में गोल्ड मेडल जीतते हुए अपने बढ़ते हुए कद में और इजाफा कर लिया. सुजीत ने कुछ ही महीनों पहले एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था, जबकि इससे पहले वो अंडर-23 और अंडर-20 लेवल पर भी एशियन चैंपियनशिप जीत चुके हैं.







