Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के पक्ष में कांग्रेस ने दी सुप्रीम कोर्ट में दस्तक!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 16, 2025
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
court
17
SHARES
567
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के समर्थन में कांग्रेस पार्टी ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. कांग्रेस ने इस कानून को लेकर दायर याचिकाओं में अपना पक्ष भी सुने जाने की मांग की है. पार्टी के महासचिव के सी वेणुगोपाल के जरिए दाखिल इस अर्जी में कहा गया है कि 1991 में संसद ने यह कानून तब पास किया कि जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी. सदन में जनता दल के साथ बहुमत का आंकड़ा उसके पास था.

हालांकि यह कानून पहले से कांग्रेस के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है. पार्टी ने कहा है कि चूंकि सदन में  इस कानून को पेश करने और पास करवाने में उसके चुने हुए सदस्यों की भूमिका थी. लिहाजा उसे इस एक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं के खिलाफ उसे भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए.

इन्हें भी पढ़े

brics summit

क्या ब्रिक्स का बैंक खत्म करेगा IMF की बादशाहत, भारत को कितना फायदा?

September 12, 2026
IRCTC

IRCTC ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक!

September 12, 2026
UAE-Iran

UAE-ईरान हैंडशेक ने पूरी दुनिया को चौंकाया, क्या दिल्ली से निकलेगा सुलह का रास्ता?

September 12, 2026
BRICS, PM Modi

दुनिया की ग्रोथ का नया इंजन बना भारत! BRICS में PM मोदी ने बताया- क्यों बदल रहा ग्लोबल पावर गेम?

September 12, 2026
Load More

कांग्रेस की दलील

पार्टी की ओर से दायर याचिका में कहा गया यह कानून भारत के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के मुताबिक है. पार्टी ने इस कानून को चुनौती देने वाली अर्जियों का विरोध करते हुए याचिकाकर्ताओं की मंशा पर सवाल खड़ा किया है. याचिका में कहा गया है कि इस एक्ट में कोई भी बदलाव देश  की सामाजिक सद्भावना और  सेकुलर ढांचे के खिलाफ होगा और राष्ट्र की एकता/ अंखडता को नुकसान पहुंचाएगा.

SC में कानून को लेकर याचिकाएं

1991 का ये कानून कहता है कि किसी भी धार्मिक स्थल का जो स्वरूप आजादी के दिन यानि 15 अगस्त 1947 को था,  वही रहेगा, उसमे कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट में पहले से इस एक्ट के समर्थन और विरोध में में कई याचिकाए लंबित है. इनमे से विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ, डॉक्टर सुब्रह्मण्यम स्वामी, अश्विनी उपाध्याय, करूणेश शुक्ला, अनिल त्रिपाठी ने इस एक्ट को चुनौती दी है. याचिकाओं में कहा गया है कि यह कानून हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय को अपने उन पवित्र स्थलों पर दावा करने से रोकता है. जिनकी जगह पर जबरन मस्जिद, दरगाह या चर्च बना दिए गए थे.  न्याय पाने के लिए कोर्ट आने के अधिकार से वंचित करता मौलिक अधिकार का हनन है. वही जमीयत उलेमा ए हिंद , ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड , बनारस की ज्ञानवापी और मथुरा की ईदगाह कमेटी ,आरजेडी नेता मनोज झा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश करात, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर जूलियो रिबेरो और बाकी लोगों ने इस एक्ट के समर्थन में याचिका दाखिल की है.

धार्मिक स्थलों पर विवाद पर क्या है स्थिति

12 दिसंबर को हुई पिछली सुनवाई मे सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि इस मसले की सुप्रीम कोर्ट में पेंडेसी के दौरान देश में धार्मिक स्थलों पर दावे को लेकर कोई नया मुकदमा अभी निचली अदालतें नहीं सुनेगी. यही नहीं,अभी कई मस्जिद-दरगाह पर दावे को लेकर जो विभिन्न केस अलग अलग अदालतों में लंबित भी है, उनमें भी कोई प्रभावी आदेश अदालतें नहीं देंगी. कोर्ट ने तब केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा था.. कोर्ट में इस मसले पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

अमेरिका-25, चीन-5, भारत-1, यह कैसी लिस्ट है जिसमें सिर्फ टाटा ने बचाई भारत की लाज

March 18, 2024
school

गणतंत्र दिवस का भोजन बना बीमारियों की वजह..!

January 28, 2026
berojgaar youth

आश ने कर दिया लाखों युवाओं को निराश

October 13, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • BRICS Summit: जेलेंस्की को पुतिन से मिलना हो तो जब चाहें मॉस्को आ जाएं…
  • क्या ब्रिक्स का बैंक खत्म करेगा IMF की बादशाहत, भारत को कितना फायदा?
  • IRCTC ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.