Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

सवर्णों के सहारे की आस में पुरानी लीक पर कांग्रेस, इनको कमान देकर बदली चाल

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 19, 2023
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
Rahul-Kharge
23
SHARES
765
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। बिहार-झारखंड के बाद कांग्रेस ने यूपी की कमान भी भूमिहार को सौंप दी है। इसे महज संयोग बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष जैसा पद किसी को सौंपने से पहले वोट के लिहाज से विचार किया जाता है। उसके अनुरूप ही रणनीति बनाई जाती है।

कांग्रेस ने एक ही जाति पर जताया भरोसा

इन्हें भी पढ़े

wheat export

गेहूं निर्यात पर भारत सरकार का बड़ा फैसला, सालों बाद हटाया बैन

August 24, 2026
Vande Bharat Train

रेलवे का बड़ा फैसला, अब 24 कोच के साथ दौड़ेंगी ट्रेनें, वेटिंग लिस्ट होगी खत्म

August 24, 2026
cm samrat chaudhary

सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, BPSC के परीक्षा नियंत्रक को सस्पेंड करने का आदेश

August 24, 2026
private TV channels

टीवी पर 12 मिनट के विज्ञापन की समय-सीमा हटी, केंद्र सरकार ने बदल दिया सालों पुराना नियम

August 24, 2026
Load More

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Polls) से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने जातीय राजनीति के लिए ख्यात तीन राज्यों में अगर एक ही जाति पर भरोसा जताया है तो इसे प्रयोग एवं वोट बैंक की वापसी का प्रयास ही माना जाएगा। प्रत्यक्ष तौर पर जातिवादी राजनीति से परहेज करने का दावा करने वाली कांग्रेस ने यूपी में लगातार कई दांव आजमाने के बाद कमान अजय राय को दी है। बिहार में अखिलेश प्रसाद सिंह एवं झारखंड में राजेश ठाकुर का नेतृत्व है। तीनों भूमिहार हैं।

एक अन्य राज्य अंडमान निकोबार की कमान भी वर्ष भर पहले तक इसी जाति के कुलदीप राय शर्मा के पास थी, जो मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। सांसद बनने के बाद कुछ महीने पहले ही उनकी भूमिका में बदलाव किया गया है। चर्चित छात्र नेता रह चुके कन्हैया कुमार भी इसी जाति से आते हैं, जिन्हें एनएसयूआई का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस ने सारी नियुक्तियां दो वर्ष के भीतर की हैं, जो उसकी रणनीति की ओर इशारा करती है।

कांग्रेस ने क्यों बदली रणनीति?

प्रश्न उठता है कि कांग्रेस ने रणनीति क्यों बदली? दरअसल उसने यूपी में कई प्रयोग करके देख लिए, किंतु मुश्किलों का अंत नहीं हो सका। वैसे तो भूमिहारों की सबसे ज्यादा संख्या और साम‌र्थ्य बिहार में है। संघर्ष की क्षमता भी अग्रणी है। पूर्वांचल की कई सीटों पर भूमिहार एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में त्यागी वोटर प्रभावशाली हैं।

कभी बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह एवं उत्तर प्रदेश में महावीर त्यागी जैसे बड़े और प्रभावशाली नेता जवाहरलाल नेहरू के रणनीतिकारों में होते थे। इंदिरा गांधी के जमाने में यह कमान कल्पनाथ राय, ललितेश्वर प्रसाद शाही एवं रेवती रमण ने संभाली और भूमिहार वोटरों को काफी हद तक कांग्रेस के साथ बांधे रखा। किंतु मुलायम सिंह यादव एवं लालू प्रसाद के उत्थान के बाद इस जाति का कांग्रेस से मोहभंग हो गया।

कांग्रेस ने मिलाया था राबड़ी देवी सरकार से हाथ

बिहार में कांग्रेस को इस जाति की ओर से अंतिम नेतृत्व रामाश्रय प्रसाद सिंह ने दिया, लेकिन वर्ष 2000 में राजद के विरुद्ध लड़कर 24 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने सत्ता के लिए राबड़ी देवी सरकार से हाथ मिला लिया। यूपी में ऐसा 1990 में ही हो चुका था।

मंडल आंदोलन के बाद कांग्रेस ने चाल बदलकर सवर्णों को और अधिक नाराज कर लिया, जो उसकी राजनीति के लिए आखिरी कील साबित हुआ। यह वही दौर था जब संयुक्त बिहार-झारखंड में कैलाशपति मिश्र के नेतृत्व में भाजपा का उभार हो रहा था। लिहाजा राजनीतिक सम्मान और विकल्प की तलाश में भूमिहार समाज भाजपा की ओर प्रस्थान कर गया।

हालांकि, इसका सिलसिला वर्ष 1969 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में कांग्रेस के पहले बड़े विभाजन के दौरान ही प्रारंभ हो गया था, जब शीर्ष क्रम के कई बड़े भूमिहार नेताओं ने इंदिरा गांधी का साथ छोड़ दिया था। बहरहाल, कांग्रेस फिर पुराने रास्ते पर बढ़ती दिख रही है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
लोकसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक

संसद: लोकसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक

December 13, 2023
शुक्र ग्रह

चार दिन गायब रहेगा शुक्र, क्या आने वाली है कोई बड़ी मुसीबत?

March 18, 2025
india china

US की मदद से जानिए कैसे इंडियन आर्मी ने की PLA की कुटाई?

March 21, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चोटिल कलाई से ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, तोड़ा धोनी और गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड
  • गेहूं निर्यात पर भारत सरकार का बड़ा फैसला, सालों बाद हटाया बैन
  • रेलवे का बड़ा फैसला, अब 24 कोच के साथ दौड़ेंगी ट्रेनें, वेटिंग लिस्ट होगी खत्म

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.