नई दिल्ली : भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस के खिसके परंपरागत वोट बैंक को साधने में पूरी ताकत लगाई। करीब 22 किमी लंबे रास्ते में सड़क के दोनों तरफ खड़े मुस्लिम समुदाय व गरीब तबके के लोगों और युवाओं-बच्चों को उन्होंने पास बुलाकर बातचीत की। काफिला बेशक सात विधानसभा क्षेत्रों से गुजरा, लेकिन उन्होंने पूरी दिल्ली को यात्रा का संदेश देने का प्रयास किया।
बदरपुर बॉर्डर से लालकिले के बीच जिस रास्ते से राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा पूरी की, उस पर दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली व चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र व बदरपुर, ओखला, तुगलकाबाद, जंगपुरा, नई दिल्ली, मटिया महल व चांदनी चौक विधानसभा सीटें आती हैं। आम आदमी पार्टी के आने से पहले सात विधानसभा सीटों में से बदरपुर को छोड़कर बाकी छह जगह कांग्रेस का गढ़ रहा है। वहीं, 2014 से पहले लोकसभा सीटें भी कांग्रेस के पास रहती थीं, लेकिन इस बीच कांग्रेस ने इलाके में जनाधार खो दिया। फिलहाल विधानसभा की एक सीट भाजपा के पास और बाकी आम आदमी पार्टी के पास हैं, जबकि लोकसभा की सभी सीटें भाजपा के पास हैं।यात्रा कांग्रेस के पुराने गढ़ से निकाली गई है। इसके जरिए उन्होंने फिर से जमीन मजबूत करने की कोशिश की।
यही वजह है कि राहुल पूरी यात्रा के दौरान आम लोगों से संवाद करते दिखे। यात्रा मार्ग के दोनों ओर खड़े बुजुर्गों को पास बुलाकर बात की। इनमें कई मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग शामिल थे। एक बुजुर्ग अपनी समस्या के संबंध में दस्तावेज लेकर आए हुए थे। राहुल ने उनकी बात विस्तार से सुनी। इस दौरान कई बार गरीब तबके के युवाओं को इशारा कर साथ चलने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद इन युवाओं ने पुलिस का घेरा तोड़कर राहुल के पास दस्तक दी। राहुल उनसे हाथ मिलाने के बाद कंधे पर हाथ रखकर बात करते हुए चलते गए। उन्होंने युवाओं सेे उनकी शिक्षा व कामकाज के बारे में जानकारी ली। राहुल ने बीच रास्ते में अभिवादन कर रहे बच्चों को भी बुलाया। इस दौरान कई छोटी बच्चियों का हाथ पकड़कर वे चले। उन्होंने बच्चियों को दुलार भी किया और पढ़ाई के बारे में बातचीत की।
युवाओं में दिखा जोश
राहुल गांधी के साथ पूरे रास्ते प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कुमार, पूर्व विधायक अलका लांबा, प्रदेश महिला कांग्रेस की नेता अमृता धवन, पूर्व पार्षद यास्मीन किदवई, अभिषेक दत्त चले। सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी के शामिल होने पर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं में दोगुना जोश आ गया और वे राहुल गांधी के साथ-साथ उनके भी नारे लगाने लग गए। इतना ही नहीं, उनमें राहुल गांधी के साथ-साथ प्रियंका गांधी को आवाज देकर उनका अभिवादन करने में होड़ लग गई।
बुजुर्ग नेता नदारद, युवाओं ने राहुल के साथ की कदमताल
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दिल्ली में प्रवेश के दौरान प्रदेश कांग्रेस की नई झलक दिखी। यात्रा में कांग्रेस के बुजुर्गों नेताओं के बजाय युवाओं का कब्जा रहा और वह राहुल की यात्रा के दौरान इतने जोश में थे कि मानो कांग्रेस ने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया हो। बदरपुर बॉर्डर से लेकर लालकिला तक यात्रा में युवाओं ने राहुल गांधी का उत्साह बढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। वे पूरे रास्ते जोड़ो-जोड़ो, भारत जोड़ो के नारे लगाते रहे। उन्होंने बीच-बीच में राहुल गांधी के भी नारे लगाए।
राहुल के संग थोड़ी दूर भी न चल सके ये नेता
यात्रा में कांग्रेस नेता अजय माकन, रमेश कुमार समेत दो-चार बुजुर्ग नेता दिखाई दिए। ये नेता शुरुआत में कुछ ही दूरी तक ही राहुल गांधी की यात्रा में चले। खास बात यह है कि ये राहुल गांधी के साथ एक कदम भी नहीं चल सके। पूर्व सांसद उदित राज ही कुछ दूरी तक राहुल गांधी के साथ चले। हालांकि, आश्रम चौक पर यात्रा के विश्राम के समय प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेता मौजूद थे। इसी तरह वे लालकिला पर भी यात्रा के समापन के समय भी पहुंचे। इस दौरान भी युवाओं नेताओं का ही बोलबाला रहा। वहीं बुजुर्ग कार्यकर्ता भी लंबी दूरी तक यात्रा में नहीं चल सके।







