Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

कॉप27: कार्यान्वयन का ‘कॉप’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 2, 2022
in राष्ट्रीय, विशेष, विश्व
A A
COP27
24
SHARES
798
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

भूपेंद्र यादव


27वां पार्टियों का सम्मेलन (कॉप27) पिछले सप्ताह समाप्त हुआ और कई चुनौतियों तथा विचारों में भिन्नता के बावजूद, सदस्य देशों ने जटिल मुद्दों के समाधान के प्रयास किए। कॉप27 को कार्यान्वयन के लिए कॉप का ब्रांड नाम दिए जाने के साथ, प्रमुख मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें प्रमुख हैं- हानि और क्षति वित्त पोषण पर समझौता; अनुकूलन और शमन कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, जो उत्सर्जन में कमी का मुकाबला करता है और प्रभावी कार्यान्वयन को गति प्रदान करता है तथा जो वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर रखने के अधिक महत्वाकांक्षी पेरिस समझौते के लक्ष्य की ओर आगे बढऩे के लिए वैश्विक समुदाय को प्रेरित करता है।

भारत की दृष्टि से कॉप27 के परिणाम महत्वपूर्ण रहे हैं, क्योंकि एक देश के रूप भारत के या विकासशील देशों की सामूहिक आवाज के रूप में भारत द्वारा प्रस्तावित चिंताओं, विचारों और सुझावों को उचित महत्व दिया गया है। शर्म अल-शेख कार्यान्वयन योजना मानती है कि ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए 2019 के स्तर की तुलना में 2030 तक वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 43 प्रतिशत की तेज और निरंतर कमी किए जाने की आवश्यकता है। योजना यह भी स्वीकार करती है कि विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के आलोक में एवं सतत विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों के संदर्भ में सामान्य लेकिन पृथक जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं [सीबीडीआर-आरसी] को दर्शाते हुए, न्यायपूर्ण और सर्वोत्तम उपलब्ध वैज्ञानिक ज्ञान के आधार पर, इस महत्वपूर्ण दशक में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

इन्हें भी पढ़े

infrastructure india

विकसित भारत का रोडमैप तैयार! सरकार ने बनाया मास्टर प्लान

February 26, 2026
Nitin Gadkari

नितिन गडकरी ने दिल्ली में वाहनों पर लगने वाले ग्रीन टैक्स पर उठाए सवाल!

February 26, 2026
China Military Crisis

क्या जंग लड़ने के काबिल है जिनपिंग की आर्मी? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

February 26, 2026
cji surya kant

NCERT किताब विवाद पर CJI सूर्यकांत: ये गहरी साजिश, जिम्मेदारी तय हो

February 26, 2026
Load More

भारत, राष्ट्रों के लिए जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों को निर्धारित करने और इन्हें पूरा करने में सीबीडीआर-आरसी दृष्टिकोण अपनाने का मुखर समर्थक रहा है, ताकि जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं से पृथ्वी को बचाने की इस संयुक्त लड़ाई में हम ऐतिहासिक प्रदूषण फैलाने वाले देशों और तकनीकी व वित्तीय अंतर के प्रति सचेत रहें तथा हरित विश्व निर्माण के लिए विकासशील देशों को शामिल किए जाने की आवश्यकता सुनिश्चित की जा सके।

कार्यान्वयन योजना ने पार्टियों से आग्रह किया, जिन्होंने अभी तक नए या अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों की जानकारी नहीं दी है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा करें। भारत न केवल उन 29 देशों में शामिल है, जिन्होंने सीओपी26 के बाद अपने बढ़े हुए एनडीसी प्रस्तुत किए हैं, बल्कि उन 60 से कम देशों की उस सूची में भी मौजूद है, जिन्होंने ग्लासगो में अपनी शुद्ध शून्य घोषणा के एक वर्ष के भीतर अपनी दीर्घकालिक कम उत्सर्जन विकास रणनीतियां प्रस्तुत की हैं। ये कदम, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के प्रयास का हिस्सा बनने के सन्दर्भ में नरेन्द्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

देशों को निम्न-कार्बन उत्सर्जन की ओर बढऩे के लिए एक कार्ययोजना तैयार करते हुए, कॉप27 कार्यान्वयन योजना राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप सबसे गरीब और सबसे कमजोर देशों को लक्ष्य-आधारित समर्थन देने और एक न्यायपूर्ण परिवर्तन की दिशा में समर्थन की आवश्यकता की पहचान करने का आह्वान करती है। इसने मान्यता दी कि विकासशील देशों को दिया गया अधिक समर्थन, उनकी कार्रवाई संबंधी उच्च महत्वाकांक्षा को अनुमति प्रदान करेगा।

भारत ने इस बात को रेखांकित किया कि अधिकांश विकासशील देशों के लिए न्यायपूर्ण बदलाव की तुलना सिर्फ कार्बनीकरण को कम करने से नहीं की जा सकती है, लेकिन कम-कार्बन उत्सर्जन के साथ; विकासशील देशों को, अपनी पसंद के ऊर्जा मिश्रण तथा एसडीजी हासिल करने में, स्वतंत्रता की आवश्यकता है। कॉप27 ने सभी जलवायु कार्रवाईयों- न कि केवल शमन, बल्कि शमन, अनुकूलन, वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण- पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व को रेखांकित किया।

कॉप27 योजना ने गंभीर चिंता के साथ, जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव से मुकाबले के लिए अनुकूलन के मौजूदा स्तरों और उन स्तरों, जिनकी आवश्यकता है, के बीच मौजूदा अंतर को; जलवायु परिवर्तन छठी आकलन रिपोर्ट पर अंतर-सरकारी पैनल के सन्दर्भ में कार्य समूह ढ्ढढ्ढ के योगदान के निष्कर्षों के अनुरूप बताया।

इसने पार्टियों से क्षमता बढ़ाने, सहनीयता को मजबूत करने और जलवायु परिवर्तन के प्रति खतरे को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। इसने विकासशील देशों से जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अनुकूलन के लिए क्षमता निर्माण संबंधी अपने प्रावधान को तत्काल और महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि विकासशील देशों की जरूरतों का समाधान किया जा सके। भारत ने लंबे समय से अनुकूलन को उचित महत्व देने और विकासशील देशों की जरूरतों के पैमाने के अनुरूप संसाधनों के पैमाने पर चर्चा करने की तत्काल आवश्यकता पर अपनी लड़ाई को जारी रखा है।

कॉप27 कार्यान्वयन योजना इस बात पर जोर देती है कि उचित और न्यायसंगत बदलाव के उपायों में ऊर्जा, सामाजिक आर्थिक, कार्यबल और अन्य आयाम शामिल हैं, जिनमें से सामाजिक सुरक्षा समेत सभी को राष्ट्रीय स्तर पर परिभाषित विकास प्राथमिकताओं पर आधारित होना चाहिए, ताकि परिवर्तन से जुड़े संभावित प्रभावों को कम किया जा सके। इस योजना में, सामाजिक एकजुटता तथा लागू उपायों के प्रभावों को कम करने से संबंधित उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है।

योजना दस्तावेज़ ने सार्थक शमन कार्रवाई और कार्यान्वयन पर पारदर्शिता के संदर्भ में विकसित देशों का 2020 तक प्रति वर्ष संयुक्त रूप से 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य अभी तक पूरा नहीं होने … पर गंभीर चिंता व्यक्त की। भारत के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण आयाम, शर्म अल-शेख कार्यान्वयन योजना के प्रस्तावना निर्णय में ‘जलवायु परिवर्तन के समाधान के प्रयासों में सतत जीवनशैली अपनाना तथा उपभोग और उत्पादन के स्थायी प्रारूप की दिशा में बदलाव को शामिल किया जाना है। यह कदम ‘मिशन लाइफ’ के अनुरूप है, जो संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20 अक्टूबर को शुरू की गई ‘पर्यावरण के लिए जीवनशैली’ को बढ़ावा देता है।

कॉप27, पेरिस समझौते के तहत जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य की ओर आगे बढऩे के लिए भी मंच तैयार करता है। इसने जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (एनसीक्यूजी) पर विचार-विमर्श में ठोस प्रगति की आवश्यकता को स्वीकार किया, जो मात्रा, गुणवत्ता, पहुंच और धन के स्रोतों समेत विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं जैसे विषयों पर भी विचार करेगा।

कार्यान्वयन योजना दस्तावेज़, जलवायु न्याय पर केंद्रित है, जो विकासशील देशों द्वारा सामना की जा रही चिंताओं और मुद्दों का समाधान करता है। भारत के सुझावों को कॉप27 के निर्णयों में शामिल किया गया। प्रधानमंत्री मोदी, जिनके नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय पहल हुई हैं, ने बार-बार दोहराया है कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में कोई भी देश पीछे नहीं छूटना चाहिए। भारत ने जलवायु परिवर्तन की अनियमितताओं के प्रति सबसे संवेदनशील देशों के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है और जलवायु वार्ताओं में जलवायु न्याय की मांग की है।

कॉप27 ने वित्त से लेकर अनुकूलन तक सभी क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई और वादों के कार्यान्वयन के लिए आवाज बुलंद की है। भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देता है और उम्मीद करता है कि वैश्विक समुदाय, विशेष रूप से विकसित देश भी अपने वादे को पूरा करेंगे।


(लेखक केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन तथा श्रम और रोजगार मंत्री हैं।)

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
WCL

देश की कोयला आवश्यकताओं की पूर्ति में वेस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड का योगदान महत्वपूर्ण : सतीश चंद्र दुबे

November 27, 2025
BJP masterplan in Delhi

दिल्ली में बीजेपी का मास्टरप्लान, मोदी ने दिया जीत का मंत्र!

January 2, 2025
jee advanced

JEE Advanced Result : सपनों को सच करने की उड़ान, रजित गुप्ता ने JEE Advanced 2025 में मारी बाजी!

June 2, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिना सिम के WhatsApp चलाना होगा बंद, 1 मार्च से लागू होंगे नियम
  • होलाष्टक के चौथे दिन शुक्र होंगे उग्र, क्या करने से होंगे शांत?
  • दिल्ली: मेड ने कराई ED की फर्जी रेड, आ गई ‘स्पेशल 26’ की याद

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.