नई दिल्ली। दिल्ली की नई सरकार ने अपना कामकाज संभाल लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और तमाम मंत्री अपने-अपने विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर जरूरी जानकारी ले रहे हैं। इस बीच दिल्ली सरकार अगले डेढ़ साल में 11000 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारने की तैयारी कर रही है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि अगले डेढ़ साल में शहर की सार्वजनिक परिवहन बेड़े में 11000 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार निगम सीएनजी बसों के बेड़े में से 50 फीसदी बसों को हटा दिया गया है। जबकि बाकी को भी अगले कुछ महीने में हटा दिया जाएगा।
वहीं बीजेपी के वरिष्ठ विधायक विजेंद्र गुप्ता ने बताया है कि दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र 24 से 27 फरवरी तक चलेगा। गुरुवार को दिल्ली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई और इसमें दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा CAG की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का भी फैसला हुआ।
दिल्ली सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता की कैबिनेट में प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र कुमार इंद्राज, आशीष सूद और पंकज कुमार सिंह शामिल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को वित्त, राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है। आशीष सूद को गृह, बिजली, शिक्षा और शहरी विकास विभाग जबकि प्रवेश वर्मा को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पंकज कुमार सिंह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ-साथ परिवहन विभाग भी देखेंगे। कपिल मिश्रा को कानून एवं न्याय मंत्री बनाया गया है, वे श्रम विभाग भी संभालेंगे। मनजिंदर सिंह सिरसा को वन एवं पर्यावरण विभाग के साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग भी सौंपा गया है।







