नई दिल्ली। सड़क परिवहन से जुड़ीं ढांचागत विकास की छह से अधिक परियोजनाओं से राजधानी में यातायात जाम की समस्या दूर होगी। इस माह में पेश हाेने जा रहे अगले साल के बजट में इन परियोजनाओं को फंड मिलने की पूरी संभावना है। सरकार इनके के लिए व्यवहार्यता अध्ययन करा रही है। बजट में मंजूरी मिलने के बाद परियोजनाओं पर आगे का काम शुरू हो सकेगा।
यातायात व्यवस्था में होगा बड़ा सुधार
इनमें सोनिया विहार फ्लाईओवर, पहाड़गंज का देशबंधु गुप्ता एलिवेटेड कारिडोर, चंदगीराम अखाड़ा लालबत्ती फ्लाईओवर। केशोपुर डिपो अंडरपास तथा आइटीओ स्थित लाल रामचरण अग्रवाल चौक फ्लाईओवर अादि शामिल हैं। माना जा रहा है इन योजनाओं के अस्तित्व में आने पर दिल्ली की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार हो सकेगा ।
यहां बता दें कि राजधानी दिल्ली की सबसे भीड़भाड़ वाली सड़कों को जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार काम कर रही है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसके तहत आठ प्रमुख सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कारिडोर बनाने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए कुछ माह पहले सलाहकारों की नियुक्त की थी। इन परियोजनाओं के जरिए लगभग 47 किलोमीटर लंबे हिस्से को सिग्नल फ्री किया जाएगा।
इस योजना के सबसे अहम हिस्सों में देशबंधु गुप्ता रोड (पहाड़गंज) के अजमेरी गेट से देव नगर तक जिस सात किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कारिडोर की परिकल्पना की गई है। यह इस मार्ग की सात लालबत्तियों काे समाप्त करेगा। वर्तमान में दिनभर यहां भारी जाम की स्थिति रहती है।
इसी तरह शादीपुर डिपो के सामने अंडरपास बनाने की याेजना पर काम हाेना है। आइटीआे चौराहे से लेकर विकास मार्ग, तिलक मार्ग डब्ल्यू प्वाइंट से लेकर बहादुर शाह जफर मार्ग पर लगने वाले जाम काे दूर करने के लिए योजना पर काम होना है। पूर्वी दिल्ली में नानकसर गुरुद्वारा टी-प्वाइंट से सोनिया विहार की आेर फ्लाईओवर बनाया जाना है।
दिल्ली सरकार ने एनजीटी से मांगी मंजूरी
इसके लिए दिल्ली सरकार ने एनजीटी से मंजूरी मांगी है। चंदगीराम अखाड़ा लालबत्ती फ्लाईओवर परियोजना पर वर्षों से काम करने की बात कही जा रही है। मगर अब सरकार इसे लेकर गंभीर दिख रही है। इसी तरह न्यू रोहतक रोड पर ईदगाह से आनंद पर्वत तक एलिवेटेड रोड बनाया जाना है। इसका मकसद सराय रोहिल्ला और आनंद पर्वत इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम करना है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जनता को जाम से राहत दिलाने की सरकार की प्राथमिकता सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह तय है कि इस साल के बजट में भी सड़क परिवहन की कई परियोजनाओं के लिए बजट उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि यह ऐसा साल होगा जब सड़क परिवहन की कई याेजनाएं सडकों पर उतरेंगी और उन्हें दो से तीन साल में पूरा किया जाएगा।






