नई दिल्ली। दिल्ली में एकबार फिर पलूशन बढ़ गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का सूचकांक 300 के पार देखा गया। इतना ही नहीं कई इलाकों में एक्यूआई 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली में सुबह और शाम के वक्त पलूशन की समस्या गहराने का अनुमान जताया है।
सीपीसीबी के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का सूचकांक अति खराब श्रेणी में 361 के अंक रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले शुक्रवार को यह 322 अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे के दौरान इसमें 39 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में शनिवार को 5 बजे एक्यूआई 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।
सीपीसीबी के मुताबिक, इनमें अलीपुर, बवाना, बुराड़ी क्रासिंग, आईटीओ, जहांगीरपुरी, नरेला, नेहरू नगर, रोहिणी, विवेक विहार और वजीरपुर जैसे इलाके शामिल हैं। शनिवार की शाम तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 100 का स्तर 321 और पीएम 2.5 का स्तर 187 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से तीन गुने से भी ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।
मानकों के मुताबिक हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। गौरतलब है कि 14 अक्तूबर के बाद से ही दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब या अति खराब श्रेणी में चल रही है।
इस बीच मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 14 नवंबर तक दिल्ली में सुबह के वक्त धुंध छाने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की वजह से इस हफ्ते दिल्ली में धुंध देखी जा सकती है। हालांकि दोपहर के वक्त हवा की रफ्तार अधिक होने से धुंध छटने की भी संभावनाएं हैं। कुल मिलाकर दिल्ली वालों को इस हफ्ते यानी अगले छह दिन सुबह के वक्त धुंध जारी रहने का अनुमान है।







