नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यातायात नियमों को तोड़ने के मामले में कार चालक अव्वल हैं। एक जनवरी से लेकर 15 मई तक 14,11,801 कार चालकों के चालान किए गए हैं। इस मामले में दूसरा नंबर दोपहिया वाहन चालकों का है जो कार चालकों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 10.91 फीसदी पीछे हैं।
निजी कार चालकों ने तो ट्रैफिक नियम तोड़ने में एक तरह से रिकॉर्ड बना दिया है। व्यवसायिक के मुकाबले प्राइवेट कार चालकों ने 211.40 फीसदी ज्यादा नियम तोड़े हैं। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सत्यबीर कटारा ने बताया कि एक जनवरी से 15 मई तक 12,72,898 दोपहिया वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। पिछले साल दोपहिया चालकों के मुकाबले कार चालकों ने 54.48 फीसदी ज्यादा ट्रैफिक नियम तोड़े थे। इस हिसाब से 2025 के शुरुआती साढ़े चार माह में इस आंकड़े में कमी आई है।
इस दौरान ट्रैफिक नियमों का सबसे ज्यादा पालन एचजीवी व ग्रामीण सेवा ने किया है। इसका आधार चालान की संख्या है। 7626 एचजीवी वाहनों का चालान किया गया है। पिछले साल 29010 हल्के व्यवसायिक वाहन (एमजीवी) का चालान किया गया। जबकि 7207 ग्रामीण सेवा का चालान किया गया। पिछले साल ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर 32,25,769 कार चालकों के चालान किए गए थे।
आईटीएमएस लागू करने पर जोर
दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को देखते हुए इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम(आईटीएमएस) को लागू करनने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें से लाइट सिग्नलों को वाहनों की संख्या को देखते हुए चलने वाले सिस्टम समेत अन्य के लिए टेंडर व अन्य प्रक्रियाएं चल रही हैं। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की अलग यूनिट काम कर रही है।
उल्लंघन पर 2 लाख तक का हो सकता है चालान
सरकार ने 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कई बदलाव किए थे। इसके तहत 2 लाख रुपये तक का चालान हो सकता है। हाल ही में दिल्ली में राम किशन नाम के गाड़ी चालक का 2 लाख 500 रुपये का चालान काटा गया। इस शख्स ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए ओवरलोडिंग गाड़ी चलाई। साथ ही कार का बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट अधूरे थे।






