नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर आ रही है. दरअसल दिल्ली ई-रिक्शा चालकों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. ई रिक्शा में लिथियम बैटरी का ही उपयोग करना होगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा चालकों की याचिका खारिज कर दी है. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश सतीश चंद्र शर्मा ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यह जनहित याचिका प्रायोजित लगती है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यह सभी बैटरियां बहुत खतरनाक होती हैं, हम तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं और आप कह रहे हैं कि पुराने को अनुमति दे दें. तो आप कल को कहेंगे कि बीएस-III वाहनों को अनुमति दे दें. याचिका में ई-रिक्शा में लीड एसिड बैटरी के उपयोग की अनुमति देने की मांग की थी.
जानें दिल्ली परिवहन विभाग का निर्देश
बता दें, दिल्ली परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा को लेकर जो आदेश जारी किया है, उसके तहत दिल्ली में अब वही कंपनियां और फर्म ई-रिक्शा बेच सकेंगी, जिनके ई-रिक्शा लिथियम आयन बैटरी से चलते हैं. वहीं ई-रिक्शा को भी सख्त निर्देश दिये गए हैं कि वे ई-रिक्शा में सिर्फ लिथियम बैटरी का ही उपयोग करें. इसी आदेश को लेकर ई-रिक्शा चालकों की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिसमें सभी लीड एसिड बैटरी के उपयोग की अनुमति देने की मांग की गयी थी. हालांकि कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुये लिथियम बैटरी के इस्तेमाल की बात कही.







