नई दिल्ली: अक्सर लोग मानते हैं कि कब्ज की समस्या केवल बड़े लोगों या वयस्कों में होती है, लेकिन सच यह है कि नवजात शिशु भी इस परेशानी का सामना करते हैं। हालांकि नवजात में कब्ज की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि हर बच्चे की पाचन प्रक्रिया अलग होती है। वहीं बड़े लोगों को कब्ज की जानकारी लग जाती है। लेकिन छोटे बच्चे इस समस्या के बारे में नहीं बता पाते हैं। लेकिन सही जानकारी और समय पर ध्यान देने से इस समस्या को आसानी से समझा और संभाला जा सकता है। आइए जानते हैं नवजात बच्चों में कब्ज की पहचान के उपाय…
नवजात बच्चों में कब्ज की पहचान कैसे करें?
ऑनलाइन हेल्थ प्लेटफॉर्म पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यदि आपका बच्चा बहुत ज्यादा चिड़चिड़ा रहता है, बार-बार उल्टी जैसा लगे, मल बहुत सख्त हो, मल त्याग करते समय दर्द महसूस हो या पेट फूला हुआ लगे, तो बच्चे में यह कब्ज के संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा 1-2 दिन तक मल त्याग न करना, मल में खून दिखाई देना कब्ज के संकेत हो सकते हैं।
बच्चों में कब्ज की समस्या क्यों होती है?
नवजात बच्चों में कब्ज कई कारणों से हो सकता है। यदि बच्चा स्तनपान के बजायकी जगह पैकेट वाला दूध ले रहा है, तो कभी-कभी पाचन तंत्र को उसे पचाने में समय लगता है। पानी की कमी, दूध का बदलना या पाचन तंत्र का पूरी तरह विकसित न होना भी कब्ज का कारण हो सकता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में यह समस्या अस्थायी होती है और थोड़े समय बाद अपने-आप ठीक हो जाती है।
बच्चे को कब्ज से कैसे बचाएं?
- नवजात बच्चों में कब्ज होने पर कुछ आसान और घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं। लेकिन किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
- बच्चे के पेट पर हल्की मालिश करें, इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है। मालिश करते समय आपके हाथ गोलाकार चलने चाहिए।
- बच्चे के पैरों को साइकिल की तरह चलाने से भी कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है।
- यदि बच्चा पैकेट वाला दूध ले रहा है, तो उसकी मात्रा और प्रकार के बारे में हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
- पैकेट वाले दूध की जगह बच्चे को स्तनपान कराना भी कब्ज से राहत दिलाने में सहायक होता है।
कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह?
नवजात बच्चों में कब्ज आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन समय पर पहचान और सही देखभाल जरूरी है। यदि आपका बच्चा कई दिन तक मल त्याग न करे, मल में खून दिखे, मल त्याग के दौरान रोना, दूध पीना कम कर दे, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।







