ऊना। हिमाचल प्रदेश ऊना जिला मुख्यालय ऊना के समीपवर्ती गांव लमलैहड़ी के पास शुक्रवार दोपहर बाद चालक की लापरवाही से निजी स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में पलटे खाने के बाद 30 फुट नीचे जा गिरी। हादसे में बस में सवार 12 विद्यार्थी घायल हो गए। इनमें से तीन विद्यार्थी गंभीर घायल हुए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्राथमिक उपचार के बाद एक छात्रा को पीजीआई रेफर किया गया है। हादसे के बाद उपायुक्त ऊना ने जिले के एसडीएम को सभी निजी स्कूलों की बसों की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बीच रास्ते में बस में तकनीकी खराबी आ गई थी। चालक ने नीचे उतरकर देखा तो डीजल लीक हो रहा था। चालक ने अभिभावकों को फोन कर बच्चों को ले जाने के लिए कहा। चार बच्चे उतार भी दिए। इसी दौरान चालक ने अन्य बैठे बच्चों के साथ बस मोड़ने का प्रयास किया। वह बस को 30 मीटर दूर आगे ले गया। मोड़ते समय तेल लीक होने से ब्रेक नहीं लगी और पीछे से ही खाई में गिर गई। बस में हेल्पर भी नहीं था।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय ऊना के एसएसआरवीएम स्कूल की स्कूल बस रोजाना की तरह विद्यार्थियों को घर छोड़ने के लिए गई थी। दो-तीन पलटे खाने के बाद बस 30 फीट नीचे पेड़-पौधे और झाडि़यों में जा फंसी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता है। आनन फानन में ग्रामीणों व युवाओं ने बच्चों को बस से बाहर निकाला और अन्य स्कूल बस के जरिये अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल सुहानी चंदला को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
बताया जा रहा है कि बस चालक को भी उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया था, लेकिन यहां माहौल को देखकर वह मौके से खिसक गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे थाना बुलाया और पूछताछ की। उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि हादसे को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। बस में तकनीकी खामी के कारण ब्रेक न लगने से हादसा होने की सूचना मिली है। मेकेनिकल रिपोर्ट के बाद ही हादसे के कारण स्पष्ट होंगे। कहा कि आरटीओ और शिक्षा उपनिदेेशक को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की निजी स्कूल बस को लेकर गाइडलाइन को सख्ती से लागू करवाने के लिए कहा गया है।
दो दिन पहले भी इसी स्कूल की वैन हुई थी दुर्घटनाग्रस्त
दो दिन पहले बुधवार को एसएसआरवीएम स्कूल की ही एक स्कूल वैन ऊना के रामपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में एक बच्चा घायल हो गया था। वाहन में कुल 11 बच्चे सवार थे। वाहन चालक के अनुसार पीछे से वाहन की टक्कर के कारण स्कूल वैन अनियंत्रित होकर नाली में घुस गई थी। अब इसी स्कूल के एक अन्य बस के हादसाग्रस्त होने से सवाल उठ रहे हैं।
घायलों के नाम
घायलों की पहचान यूकेजी कक्षा के रूद्राश शर्मा, सातवीं कक्षा की भावना, कनव, मोहित, चौथी कक्षा की रिषिका, पांचवीं की अपूर्वा, नौवीं कक्षा का राहुल, सलोनी, सातवीं कक्षा की मैहक, नक्ष, सुहानी चंदला और दूसरी कक्षा के आर्यन के रूप में हुई है।
लीक हो रहा था तेल, फिर भी बस मोड़ने ले गया चालक
जिला मुख्यालय के लमलैहड़ी गांव में निजी स्कूल बस हादसे में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे से पहले चालक ने बस को रोककर जांचा था, उसका तेल लीक हो रहा था। बावजूद इसके बस मोड़ने ले गया। यह खुलासा प्रत्यक्षदर्शी मलकीयत और शिव कुमार ने किया। प्रत्यक्षदर्शी मलकीयत के अनुसार तेल लीक हो रहा था, बस में बच्चे बैठे थे, फिर भी चालक ने सूझबूझ का परिचय नहीं दिया। कुछ पलटे खाने के बाद बस खाई में पेड़-पौधों के बीच जा फंसी। खाई में फंसी बस में चीख पुकार मच गई। मलकीयत के अनुसार वह और उसका दोस्त खाई में उतरा और बच्चों को निकालने का प्रयास किया। अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने बच्चों को सड़क तक पहुंचाया। खून से लथपथ बच्चे हादसे के बाद सहम गए थे। यहां ग्रामीणों ने उन्हें पानी पिलाया और उनसे जानकारी ली। एक बच्चा सीट के नीचे फंसा हुआ था। सब बच्चों को निकालने के बाद ढूंढने पर वह मिला। कड़ी मशक्कत कर उसे निकाला गया।
मलकीयत की मानें तो बस में खराबी होने की जानकारी के बावजूद बस चलाना सीधे तौर पर लापरवाही है। प्रत्यक्षदर्शी शिव कुमार ने बताया कि बस स्टार्ट नहीं थी और न्यूटल ही चलाकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि बस हादसाग्रस्त हो गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस को सूचना दे दी गई, लेकिन मौके पर 30 मिनट तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस पर गंभीर घायल को निजी कार से अस्पताल भेजा गया। बाद में निजी स्कूल की एक अन्य बस के जरिये ही बच्चों को घटनास्थल से ले जाया गया।






