नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में गुरुवार को नया खेला हो गया. ईडी ने जब तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी बिसात बिछाने वाली कंपनी I-PAC (इंडियन पोलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तरों पर दस्तक दी, तो कोलकाता से लेकर दिल्ली तक खलबली मच गई. ममता बनर्जी की नींद उड़ गई है. वह गुस्से से लाल हैं और केंद्र सरकार पर हमले कर रही हैं. उधर, ईडी सूत्रों का कहना है कि एक कोयला घोटाले से I-PAC के कनेक्शन जुड़ रहे हैं, इसलिए छापेमारी की गई. इसका किसी राजनीतिक दल से कोई रिश्ता नहीं है. तो आखिर ऐसा क्या है कि एक कंपनी पर पड़े छापे ने दीदी की नींद उड़ा दी है? कोयला, कैश और I-PAC के पूरे सिडिकेट केा समझिए.
ईडी सूत्रों के मुताबिक, कहानी शुरू होती है आसनसोल और रानीगंज की उन खदानों से, जो केंद्र सरकार की कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अधिकार क्षेत्र में आती हैं.
खेल क्या था?
सरकारी खदानों से रात के अंधेरे में हजारों टन कोयला खोदा गया और चोरी-छिपे बेच दिया गया. यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं थी. ED की जांच बताती है कि करीब 2,742.32 करोड़ का कोयला सरकारी तंत्र की नाक के नीचे से गायब कर दिया गया.
सिंडिकेट का ‘गॉडफादर’
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड अनुप माजी उर्फ लाला था. लाला का नेटवर्क इतना तगड़ा था कि पुलिस, CISF, रेलवे और ECL के कुछ भ्रष्ट अधिकारी उसकी जेब में थे. 2000 से 2015 के बीच उस पर 16 एफआईआर हुईं, लेकिन उसका रसूख उसे हर बार बचाता रहा.
फिर I-PAC की एंट्री
अब तक यह मामला सिर्फ कोयला चोरी का था, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब ईडी ने मनी ट्रेल यानी पैसों के ट्रांजेक्शन का रास्ता खंगालना शुरू किया . जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, कोयला घोटाले से कमाए गए करोड़ों रुपये हवाला नेटवर्क के जरिए इधर-उधर किए गए. जांच में एक सिरा I-PAC और उसके निदेशकों की तरफ मुड़ता दिखा. आरोप है कि सिंडिकेट का पैसा कुछ शेल कंपनियों और ट्रांजेक्शन के जरिए I-PAC तक पहुंचा. इसी सबूत की तलाश में ईडी ने दिल्ली और बंगाल में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.
ममता का गुस्सा और ED का सच
जैसे ही I-PAC पर रेड पड़ी, सियासी गलियारों में शोर मच गया कि ममता की चुनावी मशीनरी को तोड़ा जा रहा है. लेकिन ईडी से जुड़े सूत्रों ने इस बार अफवाहों का जवाब फैक्ट से देने की कोशिश की है. इसे सवाल जवाब से समझाया है.
क्या यह एक राजनीतिक पार्टी की पॉलिटिकल स्ट्रेटजी पर हमला है?
- ईडी का कहना है कि यह छापेमारी विशुद्ध रूप से सबूतों पर आधारित है. इसका मकसद किसी की रणनीति को रोकना नहीं, बल्कि अवैध पैसे की बरामदगी है.
- क्या टीएमसी के पार्टी ऑफिस पर छापेमारी हुई है?
- किसी भी राजनीतिक दल के दफ्तर पर रेड नहीं हुई है. रेड उन ठिकानों पर हुई है जो मनी लॉन्ड्रिंग और कैश जनरेशन से जुड़े हैं.
- क्या यह चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया है?
- यह छापेमारी नियमित जांच का हिस्सा है, जो 2020 से चल रही है. इसका मौजूदा किसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है.
संवैधानिक पद पर बैठे लोगों का नाम क्यों आया?
ED के मुताबिक, जिन 10 जगहों पर रेड चल रही थी, उनमें से 2 जगहों पर संवैधानिक पदों पर बैठे कुछ लोग अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन घुस आए. आरोप है कि इन लोगों ने न केवल जांच में बाधा डाली, बल्कि ED अधिकारियों के हाथ से दस्तावेज छीन लिए. यह घटना बताती है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है. अगर छिपाने को कुछ नहीं था, तो संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को रेड के बीच में घुसकर कागज छीनने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्यों उड़ी ममता की नींद?
ममता बनर्जी का गुस्सा सिर्फ I-PAC पर रेड की वजह से नहीं है. I-PAC ममता की जीत का ‘दिमाग’ माना जाता है. अगर यह एजेंसी जांच के घेरे में आती है, तो टीएमसी की चुनावी तैयारियों को बड़ा झटका लग सकता है. कोयला घोटाले की जांच की आंच पहले ही अभिषेक बनर्जी तक पहुंच चुकी है. अब उनके करीबी रणनीतिकारों पर शिकंजा कसना यह संकेत है कि जांच एजेंसी अब ‘कंट्रोल रूम’ तक पहुंच गई है.
ममता बनर्जी पर ईडी का सनसनीखेज आरोप: ‘रेड में घुसकर ले गईं सबूत’
मामले ने तब बेहद गंभीर मोड़ ले लिया जब ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में सीधे तौर पर बाधा डालने और सबूत मिटाने का बड़ा आरोप लगाया. एजेंसी का दावा है कि छापेमारी शांतिपूर्ण चल रही थी, लेकिन तभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी पुलिस बल के साथ प्रतीक जैन के आवास और I-PAC के कार्यालय पहुंचीं.
आरोप है कि उन्होंने वहां से जबरन अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में ले लिए. ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की कार्रवाई में गंभीर अवरोध और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया है. हालांकि, एजेंसी ने यह भी साफ किया कि यह रेड राजनीति से प्रेरित नहीं थी और न ही किसी पार्टी दफ्तर पर छापा मारा गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप ने जांच को प्रभावित किया है.







