नई दिल्ली : चुनाव आयोग (ECI) ने 2003 की मतदाता सूची से नाम खोजने की प्रक्रिया को सरल किया है. आयोग की वेबसाइट पर अब वोटर को अपना नाम, राज्य और माता-पिता का नाम लिखना होगा. बस इतना करने पर 2003 की मतदाजा सूची में नाम कहां पर है, तुरंत खुलकर सामने आ जाएगा.
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के मद्देनजर यह कदम उठाया है. अब वोटरों को विधानसभा, पार्ट नंबर, पोलिंग स्टेशन समेत अन्य चीजों को बताने से पूरी तरह निजात मिलेगी. आयोग का दावा है कि जल्द ही माता-पिता का नाम भी दर्ज करने से छूट मिल जाएगी.
आयोग ने सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इसकी जानकारी साझा की है. साथ ही ऐप के बारे में भी जानकारी दी है. साथ ही स्टेप बाई स्टेप नाम ढूंढने की प्रक्रिया को भी बताया गया है. आयोग का कहना है कि इससे लोग वोटर लिस्ट में अपना नाम आसानी से ढूंढ सकेंगे. साथ ही एसआईआर प्रक्रिया को भी आसानी से पूरा कर सकेंगे.
ECI के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर SC का फैसला
वहीं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (ECI) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है. दरसअल, पिछले दिनों कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केरल, यूपी समेत अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने शुक्रवार को इस पर सुनवाई की है. पीठ ने विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली नेताओं की नई याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है.
दिसंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में होगी सुनवाई
केरल में SIR को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य में लोकल बॉडी के चुनाव भी होने हैं और इसलिए, इस मामले में जल्द विचार किया जाना जरूरी है. पीठ ने निर्देश दिया कि केरल में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 26 नवंबर को लिस्ट किया जाएगा और दूसरे राज्यों में इलेक्टोरल रोल रिवीजन एक्सरसाइज को चुनौती देने वाली बाकी याचिकाओं पर दिसंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी.







