प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
रुद्रप्रयाग : 15 जून को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी लौट रहा एक हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का बेल-407 (VT-BKA) था, जो सुबह करीब 5:17 बजे केदारनाथ हेलीपैड से छह श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी के लिए उड़ा था। हादसा सुबह 5:20 बजे के आसपास गौरीकुंड और त्रियुगीनारायण के बीच हुआ।
क्या है हादसे का कारण ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह खराब मौसम और कम दृश्यता (visibility) थी। केदार घाटी में उस समय घना कोहरा और बारिश की स्थिति थी, जिसके कारण हेलीकॉप्टर नियंत्रण खोकर जंगल में क्रैश हो गया। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई, जिससे सभी शव बुरी तरह जल गए। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है।
हादसे में सात लोगों की मौत
हादसे में मारे गए सात लोगों में एक दंपति, उनकी 23 महीने की बच्ची, और अन्य यात्री शामिल थे।
मृतकों की सूची इस प्रकार है-
- राजकुमार सुरेश जायसवाल (41) – वाणी, नांदेपेरा रोड, यवतमाल, महाराष्ट्र
- शारदा जायसवाल (35) – वाणी, महाराष्ट्र
- काशी जायसवाल (23 महीने) – इनकी बेटी, महाराष्ट्र
- विनोद देवी (66) – सिविल लाइन 2, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
- तुष्टी सिंह (19) – सिविल लाइन 2, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
- विक्रम सिंह रावत (46) – ग्राम रांसी, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड (BKTC कर्मचारी)
- कैप्टन राजवीर सिंह चौहान – पायलट, जयपुर, राजस्थान
पायलट राजवीर सिंह चौहान भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त थे और चार महीने पहले ही उनकी पत्नी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था।
बचाव और राहत कार्य
हादसे की सूचना सबसे पहले गौरीकुंड के ऊपर घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्गम इलाका और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आई, लेकिन सभी सात शव बरामद कर लिए गए।
त्वरित कार्रवाई और सरकारी प्रतिक्रिया
हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के तहत सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठन करने और हेली सेवाओं के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए।
सीएम धामी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, और बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर दुर्घटना का दुखद समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है।”
जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूँ।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 15, 2025
पहले भी हो चुके हैं हादसे !
केदारनाथ मार्ग पर हेलीकॉप्टर हादसे कोई नई बात नहीं हैं। हाल के कुछ हादसे।
- 8 मई 2025: उत्तरकाशी में गंगोत्री जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 लोगों की मौत।
- 7 जून 2025: केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित।
- 17 मई 2025: केदारनाथ में एक एयर एंबुलेंस हेलीकॉप्टर क्रैश, तीन लोग (पायलट, डॉक्टर, नर्स) सुरक्षित।
- 18 अक्टूबर 2022: केदारनाथ के गरुड़ चट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश, 7 लोगों की मौत।
इन हादसों ने हेली सेवाओं की सुरक्षा और संचालन पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि “संकरी घाटियों, खराब मौसम, और तकनीकी खामियों के कारण ये हादसे हो रहे हैं।”
हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेवाएं रोक दी हैं और जांच शुरू कर दी है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम और तकनीकी जांच अनिवार्य करने की मांग तेज हो रही है।







