शिमला : हिमाचल प्रदेश में चल रही जल विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) पड़ोसी राज्य पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) को समझाने में लगे हैं. सीएम सुक्खू का कहना है कि, इसका बोझ सरकार पर नहीं बल्कि सिर्फ वाटर प्रोजेक्ट पर पड़ेगा. शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) से मुलाकात की और यह समझाने की कोशिश की कि जो वाटर सेस लगा है, उससे हरियाणा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की इस बात के बावजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस बात पर सहमत नहीं हुए. बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस मुद्दे पर हम असहमति के लिए सहमत हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सेस को लेकर कानून बन चुका है. हमारी सरकार किसी से झगड़ा नहीं कर रही, लेकिन यह रिव्यू नहीं होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समझाने की कोशिश की है कि इससे पंजाब और हरियाणा सरकार पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा. हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि कंपनियों पर लगाए जाने वाले वाटर सेस के बाद बिजली महंगी होगी और इसका बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा.
फैसला नहीं थोप सकती सरकार
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से यह भी कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में राजस्व की कमी है, तो सरकार प्रस्ताव भेज सकती है और इसके बाद हरियाणा सरकार वहां अपना पावर प्रोजेक्ट लगाएगी. सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इस तरह सरकार पर हरियाणा पर बोझ नहीं थोपा जा सकता. यदि कल को हरियाणा कहे कि हिमाचल से आने वाली गाड़ियों पर टैक्स लगेगा, तो यह फैसला उचित नहीं होगा. कुल-मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हुई इस बैठक में सहमति नहीं बन सकी है.
मार्च में पास हुआ है सेस लगाने का कानून
बता दें कि मार्च में हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश सरकार ने जलविद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने को लेकर कानून पारित किया है. इसी के विरोध में हरियाणा और पंजाब विधानसभा में भी इसके विरोध में प्रस्ताव पारित कर दिया गया था. बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में भगवंत सिंह मान ने उनकी बात मान ली थी, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हिमाचल की बात मानने से इनकार किया है.







