शिमला : गरीब लोगों को आरक्षण देने की मांग को लेकर सवर्ण संगठन फिर से सडक़ों पर उतरे हैं। देवभूमि सवर्ण संगठन की आक्रोश पैदल रैली शिमला पहुंची। यहां संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। देवभूमि स्वर्ण संगठन के अध्यक्ष मदन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार जातीय भेदभाव कर रही है। हम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूछना चाहते हैं कि क्या सवर्ण समाज के बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर नहीं होते।
देवभूमि सवर्ण संगठन के लोग शुक्रवार को 1050 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मशाल लेकर शिमला पहुंचे। देवभूमि सवर्ण संगठन ने कहा कि आज तक स्कूल से लेकर बच्चे, नौजवान रोजगार के क्षेत्र में किसान और सभी क्षेत्रों में आरक्षण के आधार पर बंटवारा हुआ है। इसे खत्म करने के लिए लगातार वे पैदल मशाल यात्रा कर रहे हैं और वे राज्य और प्रदेश सरकार से आग्रह करते हैं कि इस ओर ध्यान देकर आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए।
ये हैं देवभूमि सवर्ण संगठन की मांगें
देवभूमि सवर्ण संगठन ने सरकार से मांग की है कि क्षत्रिय, ब्राह्मण, वैश्य के अधिकारों के उत्थान के लिए सवर्ण आयोग का गठन, विधानसभा से एक्ट के रूप लागू किया जाए। इसके अलावा संगठन सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखते हुए चाहता है कि प्रदेश में होने वाली किसी भी सरकारी व गैर सरकारी नियुक्ति के लिए साक्षात्कार के लिए छात्र एवं छात्रा से किसी भी प्रकार की किस्त न ली जाए, प्रदेश में किसानों के लिए समानांतर योजना का विस्तार हो चाहे वह किसी भी जाति से संबंध रखता हो, किसानों को जातियों में न बांटा जाए, सभी के लिए बराबर योजना का आबंटन किया जाए।
प्रदेश में क्रिमी लेयर सिस्टम लागू किया जाए, जिसमें वार्षिक आय छह लाख से ऊपर के सभी परिवारों को सरकारी अनुदान आरक्षण से बाहर किया जाए। फिर चाहे वह किसी भी जाति धर्म से संबंध रखता हो। अंतरजातीय विवाह में प्रोत्साहन राशि का आबंटन बंद किया जाए या सभी वर्गों/जातियों को अंतरजातीय विवाह पर अनुदान दिया जाए। प्रदेश में झूठे केस जो सिर्फ पैसों के लिए किए जाते हैं वह बंद हो जाएंगे।







