नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। दोनों क्षेत्रीय दुश्मनों के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव शनिवार को टारगेटेड अटैक के बाद एक खतरनाक दौर में पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अटैक में ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के बीच भारी लड़ाई चल रही है।
अमेरिकी आर्मी के कैंप्स पर हमला
एक ओर जहां इजरायल अमेरिका की मदद से ईरान पर हमले कर रहा है, वहीं इस्लामी गणराज्य भी अकेले ही दोनों देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान इजरायल पर सीधे तौर पर हमले करने के साथ ही खाड़ी में मौजूद अमेरिकी आर्मी के बेस पर हमले कर रहा है।
हालांकि, इस जंग के बीच इजरायल का मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस नेटवर्क, जिसे आम तौर पर ‘आयरन डोम’ कहा जाता है, उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा स्ट्रेटेजी का केंद्र बन गया है। आयरन डोम (Iron Dome) इजरायल का एक अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली (Missile Defense System) है, जिसे छोटे रॉकेट, मोर्टार और कम दूरी की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए बनाया गया है।
बता दें कि इस रक्षा प्रणाली को इजरायल ने मुख्य रूप से गाजा और लेबनान से होने वाले रॉकेट हमलों से अपने शहरों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए विकसित किया है, जो कई लेयरों में काम करता है। यह सिस्टम 2011 में ऑपरेशनल हुआ और तब से हजारों रॉकेट हमलों को नाकाम कर चुका है।
तीन मुख्य हिस्सों पर काम करता है आयरन डोम
पहला है रडार सिस्टम। जब दुश्मन की तरफ से रॉकेट दागा जाता है, तो सबसे पहले रडार उसे ट्रैक करता है और उसकी गति व दिशा का पता लगाता है। दूसरा है बैटल मैनेजमेंट। रडार से मिली जानकारी कंप्यूटर सिस्टम को जाती है। यह सिस्टम तुरंत गणना करता है कि रॉकेट आबादी वाले इलाके में गिरेगा या खाली जगह पर। अगर रॉकेट खाली जगह पर गिरने वाला है तो सिस्टम उसे नजरअंदाज कर देता है। जबकि, अगर रॉकेट शहर या आबादी की ओर है तो इंटरसेप्टर मिसाइल लॉन्च की जाती है।
तीसरे चरण में सिस्टम Tamir नाम की इंटरसेप्टर मिसाइल दागता है, जो हवा में जाकर दुश्मन के रॉकेट को मिड-एयर में ही नष्ट कर देती है। आसान भाषा में कहें तो आयरन डोम एक “हवाई ढाल” की तरह है, जो दुश्मन के रॉकेट को जमीन पर गिरने से पहले ही आसमान में नष्ट कर देता है।
मल्टी-टियर एयर डिफेंस सिस्टम
गौरतलब है कि इजरायल का एडवांस्ड, मल्टी-टियर एयर डिफेंस सिस्टम अलग-अलग रेंज और ऊंचाई पर खतरों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। आयरन डोम उसका एक हिस्सा है। हवाई सुरक्षा का पहला लेयर एरो सिस्टम है, जो सबसे ऊपरी लेयर बनाता है। एरो-2 और एरो-3 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकते हैं, जिनमें एटमॉस्फियर के बाहर जाने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं।
मुख्य रूप से दुश्मनों की मिसाइल के खतरे का मुकाबला करने के लिए बनाया गया यह सिस्टम, ज्यादा ऊंचाई पर इंटरसेप्शन की इजाजत देता है, जिससे नॉन-कन्वेंशनल वॉरहेड से होने वाले खतरे कम हो जाते हैं। डेविड्स स्लिंग बीच वाले टियर में है। यह मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, एयरक्राफ्ट और ड्रोन को टारगेट करता है, जिन्हें आमतौर पर लगभग 100-200 किमी दूर से फायर किया जाता है।
राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और RTX कॉर्पोरेशन द्वारा मिलकर डेवलप किया गया, यह एरो और आयरन डोम के बीच की जगह को भरता है। वहीं, सबसे निचली लेयर पर आयरन डोम है, जो इजराइल का सबसे जाना-माना डिफेंस सिस्टम है। 2011 से ऑपरेशनल, इसे कम दूरी के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है – खासकर हमास द्वारा लॉन्च किए गए।
शनिवार को इजरायल और यूएस द्वारा ईरान पर टारगेटेड अटैक के बाद से इन देशों के बीच युद्ध जारी है। सोमवार को वेस्ट एशिया में मिसाइलें उड़ती रहीं, क्योंकि US और इजरायल ने ईरान पर बमबारी की और उसने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उस इलाके में मौजूद US मिलिट्री बेस को निशाना बनाया।







