Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home धर्म

मैं न जीऊं बिन राम, शुभ घड़ी आ गई

राम का माता-पिता के प्रति, गुरु के प्रति, लोगों के प्रति, जीव मात्र के प्रति जो प्रेम और आदर का भाव है, वह अप्रतिम और अनुकरणीय है: प्रकाश मेहरा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 22, 2024
in धर्म, विशेष
A A
Ayodhya
23
SHARES
764
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


अयोध्या। राम के व्यक्तित्व में मर्यादा की पराकाष्ठा है। सामाजिक रा का पालन करते हुए उन्होंने सीता का त्याग मर्यादा कर दिया क्योंकि यह कर्तव्य पालन के क्रम में तत्कालीन समाज को साथ लेकर चलने वाले थे। उनके विशाल व्यक्तित्व का बहुत बड़ा उदाहरण गुरु की सेवा, माता-पिता की सेवा और पिता के वाक्य को ब्रह्म वाक्य की तरह मानना है। आज के युग में वैसे व्यक्तित्व की परिकल्पना भी असंभव है। कोई पिता अपने बेटे को आज्ञा दे कि वह वन चला जाए तो शायद वह नहीं जाएगा। पर राम के लिए कितना आसान था, यह सब कर लेना। क्योंकि, वह झूठ उको खत्म करना चाहते थे, समाज से राक्षसी प्रवृत्ति को समाप्त करना चाहते थे।

इन्हें भी पढ़े

शनि कुंडली

ये हैं कुंडली के वो 3 स्थान, जहां शनि का बैठना माना जाता है बहुत अशुभ

April 13, 2026
अनादि समर

अनादि समर : छावा के बलिदान से जाग उठा हिन्दू

April 13, 2026
cm yogi

थारू आदिवास को मिला जमीन का अधिकार

April 12, 2026

कब लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? जानिए भारत पर क्या होगा इसका प्रभाव

April 11, 2026
Load More

वैसे तो में ओशो का चेला हूं। ओशो ने राम के चरित्र की अच्छाइयों और कमजोर पक्ष दोनों पर प्रकाश डाला है। वे बताते हैं कि ईश्वर और कुछ नहीं प्रकृति ही है। अगर प्रकृति अनुरूप आपका व्यवहार होता है, तब आप सब दुख झेल जाएंगे। आपको सुख भी ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा। मध्यम मार्ग को अपनाने से आप अवसाद में कभी नहीं जाएंगे। जो मैं और मेरे भाई गाते हैं। वास्तव में, मैं नहीं गा रहा हूं, वह तो वही गा रहा है। मेरे गुरु का आशीर्वाद गा रहा है। उन्होंने तो हमें सिर्फ माध्यम चुना है। हमें गाते हुए हमारे मन और आंखों के सामने राम का धनुष-बाण थामे, मुरली बजाते कृष्ण या डमरू बजाते शिव का मनोहारी रूप ही दिखता है।

तुलसीदास का पद ‘जागिए रघुनाथ कुंवर पंछी वन में बोले’ को गाते हुए, हम उस दृश्य में रमने की कोशिश करते हैं कि एक कोमल से नन्हे बालक राम को जगाया जा रहा है या’ श्रीरामचंद्र कृपाल भजुमन’ हम गाते हैं तब एक भक्त का हृदय भक्ति भाव से ओत-प्रोत हमारे मन में हिलोरे लेता है। ऐसी ही एक और रचना- ‘जननी में न जिऊं बिन राम’ में भरत का अपनी माता से संवाद है। राम के वन गमन के बाद भरत का दुख असीम है। उनके उस दुख को हम अंतरमन में महसूस करते हैं ताकि उनका वह दुख हमारे गाने में झलके।

मुझे लगता है कि यह प्रकृति प्रदत्त व्यवस्था है। यह हमारे अस्तित्व को तय करती है। उसी का परिणाम है कि में और मेरे छोटे भाई साजन जी साथ- साथ पले-बढ़े, साथ-साथ गाना सीखा और अब साथ-साथ गा रहे हैं। मेरे बच्चे रीतेश-रजनीश गा रहे हैं। प्रकृति की व्यवस्था सचमुच अनुपम है। है कि हम दोनों भाई साथ गाएं। हमारे संयुक्त परिवार में कहीं बच्चों की किलकारियां हैं तो कहीं उनकी छोटी-छोटी बातों पर रूठना- मनाना है। हमारे भारतीय जीवन मूल्य बहुत दूरदर्शी हैं। एक साथ रह कर साथ-साथ सुख-दुख भोगने में सब शक्ति अपने अंदर ही महसूस होती है। इसमें बरकत होती है। यह हमारा बड़ा सौभाग्य है और यह राम का आदर्श है कि भाइयों में आपसी प्रेम हो, वे मिल-जुलकर रहें।

राम का माता-पिता के प्रति, गुरु के प्रति, भाई के प्रति, लोगों के प्रति, जीव मात्र के प्रति जो प्रेम और आदर का भाव है, वह अप्रतिम और अनुकरणीय है। मेरे छोटे भाई साजन जी लक्ष्मण जी की तरह मुझे मिले हैं। वे मेरी हर आवश्यकता और मन की दशा को बिना बोले ही जान जाते हैं। मुझे लगता है कि जौवन में प्रेम से बड़ी कोई और चीज नहीं है। हम एक-दूसरे को प्रेम- सम्मान देगे तो हमें भी मिलेगा।

राम भारतीय जन-मानस में बहुत गहरी पैठ किए हुए हैं। जिन दिनों ‘रामायण’ सीरियल टेलीविजन पर प्रसारित होता था, उन दिनों इतवार को जब यह धारावाहिक प्रसारित होता था, तब पूरे मोहल्ले, पूरी गलियां यहां तक कि पूरे शहर सुने हो जाते थे। सच! राम के व्यक्तित्व ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। अच्छे इंसान के अंदर राम तत्त्व हावी रहते हैं और बुरे इंसान के अंदर रावण तत्त्व हावी रहता है।

राम के व्यक्तित्व ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। अच्छे इंसान के अंदर राम तत्त्व हावी रहते हैं और बुरे इंसान के अंदर रावण तत्त्व हावी रहता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
President Draupadi Murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बर्थडे पर हुई भावुक, दिव्यांग बच्चों का गाना सुनकर बोलीं- ‘इन्होंने दिल से गाया’ !

June 20, 2025
Swami Avimukteshwarananda

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

February 27, 2026

टाइम्स दिनभर: ‘सिस्टम’ फेल…भविष्य से कब तक ‘खेल’?

June 13, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सीएम रेखा गुप्ता का निर्देश, दिल्ली में सरकारी शराब की दुकानों का होगा ऑडिट
  • शांतिवार्ता फेल होते ही पाकिस्तान हुआ बर्बाद!
  • कैसे-कब और क्यों शुरू हुआ नोएडा का मजदूर आंदोलन?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.