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Home राज्य

घने कोहरे में इन ‘8 दुश्मनों’ से रहें सावधान, ऐसे करें बचाव

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 18, 2025
in राज्य, राष्ट्रीय
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नई दिल्ली: यमुना एक्सप्रेसवे पर 16 दिसंबर को मथुरा के पास कोहरे के कारण सुबह करीब साढ़े तीन बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गई. इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए. इस हादसे से ठीक दो दिन पहले भी ऐसा ही एक हादसा हुआ. विजिबिलिटी कम होने के कारण यूपी-हरियाणा में एक के बाद एक कई हादसे हुए, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई. इन सभी हादसे की वजह कम विजिबिलिटी बताई जा रही है.

घने कोहरे के मौसम में सड़क सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बन जाती है. खासकर उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान कोहरा इतना घना हो जाता है कि कुछ मीटर आगे देख पाना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे हालात में थोड़ी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विस्तृत ‘सेफ ट्रैवल इन फॉग’ एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी का मकसद लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सचेत करना है ताकि वे सही सावधानियां अपनाकर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकें.

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1- ड्राइविंग के दौरान एकाग्रता जरूरी
अगर किसी कारणवश कोहरे में सफर करना बेहद जरूरी हो जाए तो वाहन बेहद धीमी गति से चलाना चाहिए. इसके साथ ही वाहन को पूरी सतर्कता के साथ चलाने की जरूरत है. विशेष रूप से वाहन के म्यूजिक सिस्टम और एफएम रेडियो बंद रखें क्योंकि कोहरे के वक्त सुनने की क्षमता देखने से भी ज्यादा अहम हो जाती है. सामने या पीछे से आने वाले वाहन की आवाज, हॉर्न या किसी आपात स्थिति की ध्वनि समय पर सुनना हदसा टालने में मदद कर सकता है.

2- कांच पर जमी नमी भी बन सकती है खतरा
कोहरे के दौरान वाहन के शीशों पर नमी जमना एक आम समस्या है. इससे सामने का दृश्य और धुंधला हो जाता है. वाहन चलाते समय एयर कंडीशनर के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे कांच पर नमी जम सकती है. इसके बजाय हल्के हीटर का उपयोग करें और हवा का प्रवाह विंडशील्ड की ओर रखें. जिन वाहनों में डिफॉगर की सुविधा है, उन्हें हल्के गर्म मोड पर चालू रखना फायदेमंद होता है. इसके साथ ही वाहन की खिड़कियां थोड़ी खुली रखने की सलाह दी गई है, ताकि अंदर की अतिरिक्त नमी बाहर निकल सके और वेंटिलेशन बना रहे.

3- लाइट्स का सही इस्तेमाल बेहद अहम
कोहरे में वाहन की लाइट्स आपकी पहचान बन जाती हैं. एडवाइजरी में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि हेडलाइट्स हमेशा लो बीम पर रखें, क्योंकि हाई बीम कोहरे में रिफ्लेक्ट होकर आंखों को और भ्रमित कर देती है. दिन के समय भी अगर कोहरा बना हुआ है, तो लाइट्स जलाकर चलना जरूरी है. पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए जरूरत पड़ने पर हैजर्ड लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसका बेवजह उपयोग करने से बचने की भी सलाह दी गई है.

4- ओवरटेकिंग में बरतें अतिरिक्त सावधानी
कोहरे में सबसे खतरनाक गलती ओवरटेक करने की होती है. प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे मौसम में ओवरटेक करने से बचना चाहिए. आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें. ब्रेक हमेशा धीरे-धीरे लगाएं, ताकि पीछे से आने वाले वाहन को संभलने का समय मिल सके.

5- सड़क की लेन के अनुसार सुरक्षित ड्राइविंग
दो लेन वाली सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलाना चाहिए और सड़क के बाएं किनारे के करीब रहना ज्यादा सुरक्षित होता है. बीच सड़क पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है. वहीं, चार लेन या डिवाइडर वाली शहरी सड़कों पर डिवाइडर के पास वाहन चलाना अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इससे सामने से आने वाले ट्रैफिक से दूरी बनी रहती है. नेविगेशन ऐप्स जैसे गूगल मैप्स का इस्तेमाल दिशा जानने के लिए किया जा सकता है.

6- रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप से बढ़ेगी सुरक्षा
अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के तौर पर जिला प्रशासन ने निजी वाहन चालकों से अपने वाहनों के पीछे लाल रंग की रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की अपील की है. यह टेप कोहरे में दूर से ही चमक जाती है, जिससे पीछे से आने वाले वाहन को पहले ही संकेत मिल जाता है. मोटर वाहन अधिनियम के तहत व्यावसायिक वाहनों के लिए आगे सफेद और पीछे लाल रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाना पहले से अनिवार्य है, लेकिन निजी वाहनों में भी इसे अपनाने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो सकता है.

7- एक्सप्रेसवे पर तय की गई गति सीमा
कोहरे के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्दियों के मौसम के लिए विशेष गति सीमा भी तय की है. फरवरी तक हल्के वाहनों, जैसे कार आदि, के लिए अधिकतम गति सीमा 75 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. इसका उद्देश्य तेज रफ्तार के कारण होने वाले हादसों पर रोक लगाना है.

8- दो गाड़ियों के बीच की दूरी का रखें ध्यान
कोहरे के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है किस एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय सामने वाली गाड़ी से दूरी बनाकर रखें. कई बार सामने वाली गाड़ी एकाएक ब्रेक लगा देती है जिससे टकराने का खतरा बढ़ जाता है. इसी तरह कई बार एक्सप्रेस वे कोई गाड़ी खराब हो जाती है, ऐसे में दूरी का ध्यान नहीं रखने से गाड़ियों के आपस में टकराने का खतरा बढ़ जाता है.

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मौजूदा कोहरे की स्थिति में जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें. थोड़ी-सी सतर्कता, सही ड्राइविंग आदतें और नियमों का पालन न सिर्फ आपकी जान बचा सकता है, बल्कि दूसरों की ज़िंदगी भी सुरक्षित रख सकता है. कोहरा एक प्राकृतिक स्थिति है, जिसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन समझदारी और सावधानी से इसके खतरों को जरूर कम किया जा सकता है.

 

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