वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान के खिलाफ एक महीने से ज्यादा समय से युद्ध लड़ रही अमेरिकी सेना के लिए शुक्रवार का दिन बेहद भारी साबित हुआ। ईरानी सुरक्षा बलों ने इस दिन अमेरिका के दो मिलिट्री जेट को मार गिराया। सबसे पहले ईरान ने अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को निशाना बनाया। इसके कुछ घंटे बाद खबर आई कि फारस की खाड़ी के ऊपर अमेरिका का A-10 थंडरबोल्ट II हमला करने वाला विमान भी शिकार बन गया।
A-10 थंडरबोल्ट को उस समय निशाना बनाया गया जब अमेरिकी बचाव दल F-15 के दूसरे क्रू मेंबर का पता लगाने के लिए तेजी से जुटे हुए थे, जिसे ईरानी सेना ने मार गिराया था। 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से यह पहली बार था, जब अमेरिका को अपने A-10 थंडरबोल्ट विमान का नुकसान उठाना पड़ा है।
F-35 से भी खास है A-10 जेट
A-10 थंडरबोल्ट II कोई साधारण जेट नहीं है। इसे शीतयुद्ध के दौर में 1976 में अमेरिकी एयर फोर्स में शामिल किया गया था। इस विमान को टैंकों, बख्तरबंद वाहनों और जमीनी सेना को निशाना बनाने वाले क्लोज एयर सपोर्ट (CAS) मिशनों के लिए डिजाइन किया गया था। इन मिशनों के लिए इसे F-35 स्टील्थ जेट से भी ज्यादा काम का माना जाता है।
A-10 थंडरबोल्ट II की खासियत
- A-10 की सबसे खास बात जनरल इलेक्ट्रिक की GAI-8 30mm रोटरी तोप है।
- इसकी नाक पर लगी यह गैटलिंग बंदूक अपनी तरह का अनोखा हथियार है। इसकी सात बैरल से प्रति सेकंड 65 राउंड फायर होते हैं।
- A-10 ने पहली बार 10 मई 1972 को अपनी उड़ान भरी थी, जब वियतनाम युद्ध अपने आखिरी चरण में था।
- A-10 का मजबूत डिजाइन इसे युद्ध के दौरान होने वाले भारी नुकसान को झेलने में सक्षम बनाता है। इसमें टाइटेनियम से बना कॉकपिट है।
- यह कवच-भेदी और उच्च विस्फोटक गोला बारूद के सीधे हमलों को भी झेल सकता है।
- यह कम ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है और लंबे समय तक हवा में मंडरा सकता है।
युद्धक टैंकों का किलर
कम ऊंचाई पर उड़ना, धीमी गति से चलने की विशेषता, हवा से जमीन पर सटीक निशाना लगाने की जबरदस्त क्षमता इसे सैनिकों की सुरक्षा के लिए एक बेहद असरदार मंच बनाती है। यह प्रति मिनट 3900 राउंड तक फायर कर सकता है। जबरदस्त सटीकता के साथ यह लगभग 4000 फीट की दूरी से मुख्य युद्धक टैंकों को तबाह कर सकता है।
ईरान युद्ध में दिखाई काबिलयत
अमेरिकी एयर फोर्स ने लंबे समय से A-10 को सेवा से मुक्त करने की योजना बनाई थी। हालांकि, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में इसकी तैनाती ने विशेषज्ञों को इसके बचाव में आने के लिए प्रेरित किया है। यह कम ऊंचाई और धीमी गति पर उड़ते हुए लंबे समय तक हवा में रह सकता है। इसकी यही खासियत इसे समुद्री उपयोग के लिए इसे एकदम सही बनाती है। यह उन नावों का पता लगाने और उनका पीछा करने में मदद करता है, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए करता है।







