प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 30 जून को दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ उनके कार्यालय के बाहर राजौरी गार्डन, पश्चिमी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सिरसा के एक बयान के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासियों को “रोहिंग्या और बांग्लादेशी” कहकर संबोधित किया और कहा कि उनकी झुग्गियां तोड़ दी जाएंगी। AAP ने इस बयान को अपमानजनक और पूर्वांचल समाज के खिलाफ नफरत भरा बताते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की।
क्या है प्रदर्शन का कारण
सिरसा ने 29 जून को कहा था, “मैं अरविंद केजरीवाल, आतिशी और AAP से कहना चाहता हूं कि आप रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के लिए जितना चाहें विरोध कर सकते हैं, लेकिन हम उन्हें इस देश में नहीं रहने देंगे।” यह बयान दिल्ली में झुग्गियों पर चल रहे बुलडोजर एक्शन के संदर्भ में था, जिसे AAP ने गरीबों के खिलाफ “तानाशाही” करार दिया।
A matter of shame that when illegal hutments of Bangladeshi & Rohingya infiltrators are lawfully demolished, AAP Arvind Kejriwal & others raise a hue and cry… just for vote bank politics.
But when an innocent Hindu girl is brutally raped in Bangladesh & filmed; there’s not a… pic.twitter.com/dZ9IJbufxD
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) June 29, 2025
AAP ने आरोप लगाया कि “सिरसा का बयान न केवल अपमानजनक था, बल्कि यह उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को निशाना बनाता है, जो दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहते हैं। पार्टी ने इसे भाजपा की “पूर्वांचल विरोधी” मानसिकता का हिस्सा बताया।
मनजिंदर सिंह सिरसा माफ़ी मांगो‼️
बीजेपी सरकार में मंत्री सिरसा जी ने दिल्ली में रहने वाले बिहार और यूपी के पूर्वांचल समाज के लोगों को बांग्लादेशी रोहिंग्या बताकर उनका अपमान किया है।
सिरसा को अपने इस बयान के लिए माफ़ी मांगनी पड़ेगी💯 pic.twitter.com/rByj65PRIQ
— AAP (@AamAadmiParty) June 30, 2025
सिरसा के कार्यालय के बाहर रैली
AAP विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सिरसा के कार्यालय के बाहर रैली निकाली, जिसमें काले झंडे और तख्तियां शामिल थीं। प्रदर्शन में AAP नेता विनय मिश्रा और अन्य पूर्व विधायक शामिल हुए।
विनय मिश्रा ने कहा, “यह वही व्यक्ति है जो चुनाव से पहले झुग्गी-झोपड़ियों में रहता था। अब वह उन्हीं लोगों का अपमान कर रहा है।” उन्होंने दावा किया कि सिरसा के बयान का असर दिल्ली के साथ-साथ बिहार के आगामी चुनावों पर भी पड़ेगा।
बीजेपी नेता मनजिंदर सिरसा का दावा कि "जिनकी झुग्गी टूटी है, वे बांग्लादेशी रोहिंग्या हैं", न केवल भड़काऊ और अपमानित ही नहीं है, बल्कि दिल्ली में रहने वाले लाखों यूपी-बिहार के मेहनती लोगों का अपमान भी है।
ये वही लोग हैं जो दिल्ली को अपने पसीने से सींचते हैं — रिक्शा चलाते हैं,… pic.twitter.com/9jBXV5ktC0
— Vinayy Mishra (@vinayymishraap) June 30, 2025
क्या है AAP की मांग ?
AAP ने सिरसा को दिल्ली मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। पार्टी ने इसे पूर्वांचल समाज के सम्मान की लड़ाई बताया और दिल्ली की जनता से एकजुट होने की अपील की। AAP ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने चुनावी वादे “जहां झुग्गी, वहां मकान” को तोड़ा है, और इसके बजाय झुग्गियों पर बुलडोजर चलाकर हजारों लोगों को बेघर कर दिया है।
मोदी की गारंटी झूठी और फ़र्ज़ी है‼️
👉चुनाव से पहले: ‘जहाँ झुग्गी वहाँ मकान’
👉 अब ‘जहाँ झुग्गी वहाँ मैदान’ कर दिया40 लाख झुग्गीवासी एकजुट हो गए तो बीजेपी फिर 50 साल सरकार में नहीं आएगी💯
केजरीवाल जी ने दिल्ली संवारी थी, बीजेपी ने 5 महीने में कर दी बर्बाद। pic.twitter.com/Uq7sNGb3b0
— AAP (@AamAadmiParty) June 29, 2025
भाजपा और सिरसा का जवाब
सिरसा ने अपने बयान में कहा कि उनकी टिप्पणी अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों पर केंद्रित थी, जो “अपराध” में शामिल हैं, न कि सभी झुग्गीवासियों पर। उन्होंने AAP के विरोध को राजनीतिक स्टंट करार दिया।
अरविंद केजरीवाल जितनी मर्जी कोशिश कर लें, लेकिन किसी भी हालत में देश में घुसपैठियों को नहीं रहने नहीं दिया जाएगा। pic.twitter.com/AaZMEcQw8w
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) June 29, 2025
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुलडोजर कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि “यह कोर्ट के आदेशों के तहत हो रही है और विस्थापित लोगों को पुनर्वास के तहत पक्के मकान दिए जा रहे हैं। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात भी कही।
झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर कार्रवाई
दिल्ली में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर कार्रवाई तेज हुई है। AAP का दावा है कि लगभग 10,000 झुग्गियां तोड़ी जा चुकी हैं, जिससे 1 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। बाटला हाउस जैसे क्षेत्रों में दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके खिलाफ स्थानीय लोग और AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।
AAP ने पहले भी 29 जून को जंतर-मंतर पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था, जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए थे।
बीजेपी सरकार द्वारा गरीबों के घर और रोज़गार उजाड़ने के ख़िलाफ़ आम आदमी पार्टी का AAP National Convenor @ArvindKejriwal जी की अध्यक्षता में जंतर मंतर पर प्रदर्शन | LIVE https://t.co/x4Pi0QqEIy
— AAP (@AamAadmiParty) June 29, 2025
दिल्ली की राजनीति में तनाव !
AAP ने सिरसा के बयान को बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासियों के खिलाफ हमला बताकर इसे बिहार के आगामी चुनावों से जोड़ा, जहां पूर्वांचल वोटरों की बड़ी संख्या है। यह प्रदर्शन दिल्ली में AAP और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का हिस्सा है, खासकर 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP की हार के बाद, जहां भाजपा ने 48 सीटें जीतीं और AAP 22 सीटों पर सिमट गई।
AAP का प्रदर्शन सिरसा के बयान और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उनकी नाराजगी को दर्शाता है, जिसे वे गरीबों और प्रवासियों के खिलाफ “अन्यायपूर्ण” मानते हैं। दूसरी ओर, भाजपा इसे कोर्ट के आदेशों और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जरूरी कार्रवाई बताती है। यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और तनाव पैदा कर रहा है, खासकर झुग्गीवासियों और प्रवासी वोटरों के बीच।







