नई दिल्ली : ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मातृ सुख और मानसिक संतुलन का कारक माना गया है. यह ग्रह व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और दैनिक व्यवहार को गहराई से प्रभावित करता है. इतना ही नहीं, चंद्रमा का प्रभाव करियर, धन और सामाजिक संबंधों पर भी दिखाई देता है. चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. यह गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतियां लेकर आ सकता है. खासतौर पर आर्थिक मामलों, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतने की आवश्यकता रहेगी. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान संभलकर चलना चाहिए और कौन से उपाय लाभकारी साबित हो सकते हैं.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर द्वादश भाव में होगा, जो खर्च, विदेश और मानसिक चिंता से जुड़ा माना जाता है. इस समय अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है. विदेश से जुड़े कार्यों या विदेशी कंपनियों में नौकरी करने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. दांपत्य जीवन में भी छोटी-छोटी बातों पर मतभेद उभर सकते हैं. मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और प्रार्थना का सहारा लें. उपाय के रूप में प्रतिदिन शिव चालीसा का पाठ करना और सोमवार को शिव मंदिर में जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा.
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जो अचानक घटनाओं और उतार-चढ़ाव का संकेत देता है. इस दौरान धन हानि या प्रतिष्ठा में कमी जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. किसी भी निवेश या आर्थिक निर्णय में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य के लिहाज से पेट, गला या संक्रमण संबंधी समस्याओं से बचाव जरूरी है. पारिवारिक सहयोग लेने से मानसिक संतुलन बना रहेगा. उपाय स्वरूप सोमवार के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं और चंद्रमा के मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के शत्रु भाव में चंद्रमा का गोचर होगा. इस समय विरोधी सक्रिय हो सकते हैं या कार्यक्षेत्र में राजनीति बढ़ सकती है. किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. खर्चों पर नियंत्रण रखें और विवादों से दूरी बनाए रखें. अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना ही सफलता दिलाएगा. मानसिक शांति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें. सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करना शुभ रहेगा.





