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Home धर्म

इस दिन रखा जाएगा आमलकी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 24, 2026
in धर्म
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Ekadashi
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नई दिल्ली। आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में विष्णु भक्तों का अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी आंवले के वृक्ष की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। इसे अमला एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। व्रत करने से पापों का नाश होता है, मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति आती है। 2026 में यह पर्व 27 फरवरी को मनाया जाएगा।

आमलकी एकादशी 2026 की तिथि और मुहूर्त

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पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026, दिन – शुक्रवार को रात 12:33 बजे से शुरू होकर उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 27 फरवरी को ही रखा जाएगा।

व्रत पारण का समय: 28 फरवरी 2026 (शनिवार) सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे तक।

शुभ मुहूर्त पूजा के लिए: सुबह 7:00 से 9:30 बजे तक का समय सबसे उत्तम। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग बन रहे हैं, जो पूजा और दान को कई गुना फलदायी बनाते हैं।

आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

आमलकी एकादशी का मुख्य महत्व भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष से जुड़ा है। पुराणों के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु विराजमान रहते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं, आयु बढ़ती है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। काशी में इस दिन से होली की शुरुआत होती है, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। व्रत से सात्विक जीवन, स्वास्थ्य और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

आमलकी एकादशी की पूजा विधि

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल पर भगवान विष्णु या नरसिंह की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • आंवले के वृक्ष या आंवले की शाखा पर जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं।
  • भगवान को पीले फूल, चंदन, रोली, अक्षत, फल और तुलसी अर्पित करें।
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • भोग में आंवले से बने व्यंजन, मखाने की खीर, साबूदाना, नारियल और घी की मिठाई चढ़ाएं।
  • शाम को आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।

आमलकी एकादशी व्रत के नियम और लाभ

  • व्रत में चावल, दाल, मांस, शराब, तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक सोच से बचें।
  • दिन में सोना और बाल कटवाना वर्जित है।
  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, अन्न और आंवला दान करें।

आमलकी एकादशी व्रत के लाभ

  • व्रत से पाप नाश, मोक्ष प्राप्ति और सात्विक जीवन मिलता है।
  • स्वास्थ्य, संतान सुख, धन-धान्य और पारिवारिक शांति बढ़ती है।
  • विशेष उपाय: आंवले के पेड़ की पूजा, विष्णु मंत्र जप, दान और तुलसी अर्पण।
  • अगर आंवला उपलब्ध ना हो, तो तुलसी या विष्णु जी की पूजा भी फलदायी है।
  • व्रत पारण के समय सात्विक भोजन ग्रहण करें और दान अवश्य करें।
  • आमलकी एकादशी 27 फरवरी 2026 को रखें। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा कर उनका आशीर्वाद पाएं।

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