नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ पार्टी के पदाधिकारियों और मोर्चा प्रभारियों की करीब चार घंटे तक चली संगठनात्मक बैठक खत्म हो गई. बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों और मोर्चा प्रभारियों को उनके प्रदेशों के हिसाब से अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं. बैठक में सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पदाधिकारी और प्रभारी मौजूद रहे. बैठक में करीब 65 प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल हुए.
बैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिस प्रदेश की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, वहां लगातार दौरे करें. साथ ही व्यक्ति विशेष से ज्यादा पार्टी के हित और संगठन की नीति के अनुसार काम करने पर जोर दिया गया. पदाधिकारियों और प्रभारियों को ‘विकसित भारत संकल्प’, महिला मोर्चा और समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संपर्क अभियान लगातार चलाने के निर्देश दिए गए.
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अपने-अपने राज्यों में अधिक समय देने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी अपने क्षेत्र में रहकर संगठन के काम पर ध्यान केंद्रित करें और अनावश्यक रूप से दिल्ली के दौरे न करें.
चुनावी राज्यों को लेकर भी संगठन ने पदाधिकारियों और प्रभारियों को लगातार दौरे करने के निर्देश दिए हैं. बूथ स्तर तक बैठकें लगातार आयोजित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया गया. युवाओं से संवाद बढ़ाने के लिए सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पार्टी कार्यक्रम आयोजित करने तथा इन कार्यक्रमों का फीडबैक लगातार आलाकमान को देने को कहा गया.
प्रभारियों और सह-प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद करने के निर्देश भी दिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के मौसम के बीच अब तीन महीने से कम का समय बचा है, ऐसे में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और कार्यकर्ताओं की बात सुनने को कहा गया है.
बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर चर्चा हुई. नवीन ने पदाधिकारियों से कहा कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी को प्राथमिकता के साथ निभाया जाना चाहिए और संगठन के हित को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखना चाहिए.
इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच किसी भी स्तर पर मतभेद होने की स्थिति में उसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने, जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाने और प्रदेशों में पार्टी के कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया गया.







