नई दिल्ली : दिल्ली जल बोर्ड ने गर्मी के मौसम में राजधानी वासियों को पेयजल किल्लत से निजात दिलाने के लिए जमीनी हकीकत का पता लगाकर समर एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। बोर्ड अपने इस प्लान को इस माह के दौरान लागू कर करेगा। बोर्ड ने विधायकों से बातचीत कर पेयजल किल्लत वाले इलाकों के बारे में पता कर उनमें पानी उपलब्ध कराने का प्लान बनाया है। बोर्ड इन इलाकों में टैंकरों व वाॅल्व संचालित कर पानी भेजेगा।
दिल्ली जल बोर्ड प्रतिदिन करीब 990 एमजीडी पानी उपलब्ध कराता है। राजधानी में सर्दी व बरसात के मौसम में पानी की मांग करीब 1150 एमजीडी रहती है और गर्मी के मौसम में पानी की मांग करीब 200 एमजीडी बढ़ जाती है। इस तरह गर्मी में पानी की मांग व आपूर्ति में करीब 350 एमजीडी का अंतर हो जाता है और अनेक इलाकों में पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंचती है, मगर जल बोर्ड ने इस बार गर्मी के मौसम में सभी इलाकों में पेयजल पहुंचाने का निर्णय ही नहीं लिया है, बल्कि प्लान भी बनाया है। हालांकि जल बोर्ड ने अभी अपने प्लान का खुलासा नहीं किया है।
बोर्ड के अनुसार, गर्मी में पानी की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर समर एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। विधायकों से बात कर पेयजल किल्लत वाले इलाकों के बारे में मालूम किया है और उनमें पानी पहुंचाने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया है और सभी कंट्रोल रूम में टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा करीब 400 नए ट्यूबवेल लगाने का कार्य चल रहा है और ये ट्यूबवेल इस माह के अंत तक पानी उपलब्ध कराना आरंभ कर देंगे। वहीं बूस्टर पंपों को दुरुस्त किया गया है और लाइनों में लीकेज भी खत्म की गई है।
वहीं जल बोर्ड ने पेयजल संकट से प्रभावित रहने वाले इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए वाॅल्व सिस्टम का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इन इलाकों के आसपास के क्षेत्रों के वाॅल्व बंद कर उनमें पानी पहुंचाया जाएगा और सभी इलाकों में पानी पहुंचाने का समय तय किया जाएगा। इस दौरान प्रयास किया जाएगा कि सभी इलाकों में बराबर समय पानी मिले।
जल बोर्ड की पानी आपूर्ति करने की तैयारी
- नौ जल शोधक संयंत्रों से 865 एमजीडी पानी उपलब्ध होता है
- रैनीवेल और ट्यूबवेल के माध्यम से 125 एमजीडी पानी मिलता है
- पेयजल से प्रभावित इलाकों में 1050 टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की तैयारी की है
- पेयजल की मांग वाले इलाकों में पानी उपलब्ध कराने के लिए 96 वाटर एटीएम और ई-प्याऊ की व्यवस्था की







