Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

सियासत में अफसर

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 25, 2023
in राज्य, विशेष
A A
23
SHARES
765
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के लंबे समय से निजी सचिव रहे आईएएस अधिकारी वी के पांडियन द्वारा स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेकर सरकार का हिस्सा बनने की खबर जिस वक्त सुर्खियों में आई. लगभग उसी समय मध्य प्रदेश में डिप्टी कलक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर होने की सूचना भी मीडिया में साया हुई। निशा को विधानसभा चुनाव लड़ना है और अपने इस्तीफे की मंजूरी के लिए उन्होंने बाकायदा आला अदालतों का दरवाजा खटखटाया क्योंकि राज्य सरकार उन्हें सेवामुक्त करने को तैयार न थी। विडंबना यह है कि जिस विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर उनके चुनावी मैदान में उतरने की अटकले लगाई जा रही थीं, वहां से पार्टी किसी अन्य का नाम घोषित कर चुकी है। बाल पांडियन और निशा के इन फैसलों से कई सवाल खड़े होते हैं, जिन पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत है।

इन्हें भी पढ़े

AAP MP exposes

आप सांसद ने पंजाब में रेत खनन घोटाले का किया खुलासा: भाजपा ने समयबद्ध CBI जांच की मांग की

February 24, 2026
CIL Director Vinay Ranjan

सीआईएल निदेशक विनय रंजन ने किया वेकोलि का दौरा

February 24, 2026
IDFC Bank scam

खाता बंद करने की एक अर्जी, और… ऐसे खुला IDFC बैंक में 590 करोड़ का घोटाला

February 23, 2026
cm dhami

दोहरी पेंशन लेने वालों को धामी ने दी टेंशन, CAG रिपोर्ट के बाद लिया ये एक्शन

February 23, 2026
Load More

आखिर प्रशासनिक अमले में सियासत के प्रति इतना अनुराग क्यों बढ़ रहा है? ये जनसेवा से प्रेरित फैसले है या लोभ-शोभ की परिणति ? यदि उन्हें राजनीति में इतनी ही दिलचस्पी थी, तो प्रशासन में इतने वर्ष खर्च क्यों किए? सनद रहे, संविधान निर्माताओं ने विधायिका और कार्यपालिका से अलग-अलग अपेक्षाएं बांधी हैं। “वैसे, यह कोई पहली बार नहीं है कि प्रशासनिक क्षेत्र के लोग सीधे राजनीति में कूद पड़े हैं, आजादी के वक्त से ही विभिन्न क्षेत्रों के लोग सरकार का हिस्सा बनते रहे हैं, और देश-समाज को इसका लाभ भी मिला है। मगर वे अपने-अपने क्षेत्र के माहिर लोग होते थे और उन्हें किसी बड़े राजनेता का करीबी होने मात्र का लाभ नहीं मिल जाता था। उनकी काबिलियत ने सरकारों को बाध्य किया कि वे उनसे साथ आने का आग्रह करें। फिर ऐसे उदाहरण विरले ही कायम भी होते थे। मगर पिछले कुछ दशकों में सत्ताधीशों गठजोड़ ने और नौकरों के न सिर्फ राजनीति को विद्रूप किया है, बल्कि शासन-प्रशासन में भ्रष्टाचार की जड़े इसके कारण गहरी हुई हैं।

खासकर पिछले दरवाजे से सत्ता में पहुंचने की सहूलियत ने इस दुरभिसंधि को मजबूत किया है। ऐसे में, निशा ने जो रास्ता अख्तियार किया है, उसे औचित्यपूर्ण ठहराया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने जनता के बीच जाकर सत्ता-सदन में प्रवेश का मार्ग चुना। फिर भी यह सवाल पूछा ही जाएगा कि क्या वर्षों से जनसेवा में जुटे स्थानीय कार्यकर्ताओं पर नौकरशाहों की वरीयता लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप है? निस्संदेह, हमारा संविधान तय मानदंडों के तहत अपने हरेक नागरिक को अवसर की स्वतंत्रता देता है, और इस लिहाज से अफसरों के राजनीति में आने में कुछ गलत नहीं है, मगर इन दिनों जिस तरह नौकरशाहों में कृपापात्र बनने और पुरस्कृत होने की प्रवृत्ति गहराती जा रही है, उसमें पांडियन जैसी तरक्की दीगर महत्वाकांक्षी अफसरों को सत्ताधीशों से सांठ-गांठ के लिए प्रेरित करेगी। यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि देश की प्रशासनिक संस्थाएं किस कदर साख के संकट से जूझ रही है? उनके बारे में राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम करने की धारणा ठोस होने लगी है।

यह न तो देश के हित में है और न लोकतंत्र के। ऐसे में, पांडियन और निशा जैसे उदाहरणों से नौकरशाही की विश्वसनीयता को और खरोंचें आएंगी। इसलिए, देश को सचमुच प्रशासनिक सुधार की जरूरत है, ताकि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से संविधान ने जो उम्मीदें पाली हैं, उन पर वे खरी उतर सकें और हम आदर्श लोकतंत्र के रूप में दुनिया के लिए नजीर बनें।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
government schemes

FIR दर्ज : सरकारी योजनाओं में घोटाले का प्रबंधक पर लगा आरोप

February 4, 2026

पीएम मोदी बोले – वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने एक व्यक्ति एक प्रयोगशाला दृष्टिकोण अपनाएं

October 17, 2022

GST कलेक्शन ने रचा नया इतिहास, अप्रैल में सरकार की हुई रिकॉर्ड तोड़ कमाई !

May 1, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिना सिम के WhatsApp चलाना होगा बंद, 1 मार्च से लागू होंगे नियम
  • होलाष्टक के चौथे दिन शुक्र होंगे उग्र, क्या करने से होंगे शांत?
  • दिल्ली: मेड ने कराई ED की फर्जी रेड, आ गई ‘स्पेशल 26’ की याद

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.