नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को दिल्ली में लगभग 33,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 8 मार्च को कार्यक्रम दोपहर लगभग 12 बजे आयोजित होगा जिसमें दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर और सामान्य पूल आवासीय आवास योजना के तहत पुनर्विकास परियोजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री सरोजिनी नगर में निर्मित नए टाइप-5 सरकारी आवासों का दौरा करेंगे और महिला आवंटियों को घरों की चाबियां सौंपेंगे।
दिल्ली मेट्रो का होगा विस्तार
इन परियोजनाओं में से एक बड़ा हिस्सा दिल्ली मेट्रो के विस्तार से जुड़ा है। इनकी लागत लगभग 18,300 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में दो नए मेट्रो कॉरिडोर, मजलिस पार्क से मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन होगा। पिंक लाइन का खंड लगभग 12.3 किलोमीटर और मैजेंटा लाइन का लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा है।
इन इलाकों की बेहतर होगी मेट्रो कनेक्टिविटी
अधिकारियों ने बताया कि इन कॉरिडोर के शुरू होने से उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों जैसे बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीन नए कॉरिडोर का करेंगे शिलान्यास
पीएम मोदी दिल्ली मेट्रो के फेज-V-A विस्तार के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी करेंगे। इनकी लंबाई लगभग 16.10 किलोमीटर होगी। प्रस्तावित कॉरिडोरों में आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1, और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज शामिल हैं। इन परियोजनाओं से दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी और दक्षिण दिल्ली, नोएडा और एयरपोर्ट के बीच यात्रा सुगम होगी।
इन आवासीय परियोजनाओं की देंगे सौगात
प्रधानमंत्री सामान्य पूल आवासीय आवास योजना के तहत लगभग 15,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसी सरकारी आवासीय कॉलोनियों में लागू की जा रही हैं।
बनाए जाएंगे 9,350 से अधिक फ्लैट
इस योजना का मकसद सरकारी आवासीय परिसरों और प्रशासनिक ढांचे का आधुनिकीकरण करना है। योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा।
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने का मकसद
इन परियोजनाओं को एक स्व-वित्तपोषित मॉडल के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसमें परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को कॉमर्शियल और आवासीय इस्तेमाल के लिए विकसित किया जाएगा। इससे प्राप्त राजस्व से नए आवास, सहायक अवसंरचना और सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण को वित्तपोषित किया जाएगा। इन परियोजनाओं का मकसद दिल्ली में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सुविधाओं को आधुनिक बनाना है।







