Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

जहां मां पार्वती ने एक पैर पर शिव के लिए किया तप, वहां ध्यान करेंगे PM मोदी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 30, 2024
in राष्ट्रीय
A A
8
SHARES
256
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। देश में लोकतंत्र का महामुकाबला चल रहा है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धुआंधार प्रचार कर रहे हैं. आखिरी चरण के मतदान के लिए 30 मई की शाम को प्रचार थम जाएगा. इससे राहत मिलने के बाद प्रधानमंत्री शाम को ही कन्याकुमारी चले जाएंगे. वहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल में एक जून तक ध्यान करेंगे. स्वामी विवेकानंद ने भी तीन दिनों तक यहीं तप किया था. इसके कारण यहां स्मारक बनाया गया है.

आइए जान लेते हैं कि क्या है इस मेमोरियल का स्वामी विवेकानंद से कनेक्शन, इसका निर्माण कब और कैसे हुआ और इसमें कितना खर्च आया.

इन्हें भी पढ़े

PM Modi

कैबिनेट मंत्रियों संग सेवा तीर्थ में PM मोदी करेंगे ‘चिंतन शिविर’

September 23, 2026

बीजेपी संगठन में फेरबदल, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़-हरियाणा की जिम्मेदारी

September 23, 2026
PM Modi

आयुष्मान भारत के 8 साल: पीएम मोदी बोले- 60 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए बना वरदान

September 23, 2026
indus water treaty

सिंधु जल समझौते पर UN पहुंचा पाकिस्तान, भारत ने की ऐसी बेइज्जती

September 23, 2026
Load More

विश्व धर्म सम्मेलन से पहले कन्याकुमारी पहुंचे थे स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद ने भारत की तरक्की का सपना देखा था. देश भ्रमण के दौरान आम लोगों का दुख-दर्द, गरीबी, शिक्षा और आत्मसम्मान में कमी को नजदीक से महसूस किया था. फिर जब उन्हें विश्व धर्म सभा में हिस्सा लेने शिकागो जाना था, तब वह रवाना होने से पहले कन्याकुमारी गए थे. ऐसा कहा जाता है कि एक दिन अचानक वे समुद्र में उतर गए और तैरते हुए तट से करीब 500 मीटर दूर चले गए. वहां एक विशाल शिला पर रुके.

तीन दिनों तक निर्जन शिला पर किया था ध्यान

स्वामी विवेकानंद तैर कर 24 दिसंबर 1892 को शिला पर पहुंचे और 25 से 27 दिसंबर तक लगातार इस पर ध्यानमग्न रहे. यहां उनके सिवा कोई और नहीं था. बताया जाता है कि इसी निर्जन स्थल पर साधना के बाद उन्हें जीवन का लक्ष्य पता चला. इसके साथ ही इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन भी मिला. माना यह भी जाता है कि इसी जगह पर स्वामी विवेकानंद को भारत माता के दर्शन हुए थे. यहीं पर उन्होंने अपना बचा जीवन लोगों को समर्पित करने का संकल्प लिया था.

माता पार्वती ने भोलेनाथ के इंतजार में यहीं किया था तप

इस शिला का एक पौराणिक महत्व भी बताया जाता है. कहा जाता है कि माता पार्वती ने यहीं एक पैर पर भगवान भोलेनाथ का इंतजार किया था. समुद्र में स्थित इसी चट्टान पर देवी कन्या कुमारी ने भगवान शंकर की आराधना करते हुए तप किया था. इस दौरान उनके पैरों के निशान यहां बन गए थे, जो निशान यहां पाए गए थे. इसलिए इस जगह का अपना धार्मिक महत्व भी है.

इसी स्थान पर आमने-सामने दिखाई देते हैं सूर्य और चांद

आज भारत के साथ ही पूरी दुनिया के लोग समुद्र की लहरों से घिरे विवेकानंद मेमोरियल को देखने के लिए आते हैं. अप्रैल में (चैत्र पूर्णिमा) पर यहां चांद और सूर्य एक साथ एक ही क्षितिज पर आमने-सामने दिखाई पड़ते हैं. इसलिए यह नजारा देखने के लिए इस दिन मेमोरियल पर काफी भीड़ होती है.

इसलिए किया गया मेमोरियल का निर्माण

स्वामी विवेकानंद के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उसी विशाल शिला पर एक भव्य मेमोरियल का निर्माण किसी मंदिर की तर्ज पर किया गया है. इस मेमोरियल का प्रवेश द्वार एलोरा और अजन्ता के गुफा मन्दिरों की तर्ज पर बनाया गया है. इसका मण्डपम बेलूर (कर्नाटक) में स्थित श्री रामकृष्ण मन्दिर के समान बनाया गया है. मेमोरियल को नीले और लाल ग्रेनाइट के पत्थरों से बनाया गया है, जिस पर 70 फीट ऊंचा एक गुंबद भी है. समुद्र के तल से लगभग 17 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान 6 एकड़ में फैला है.

स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित

आज यह मेमोरियल समुद्र के भीतर दूर से ही दिखता है और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय तो इसका नजारा काफी मनमोहक होता है. यहां भवन के अंदर चार फीट से भी ज्यादा ऊंचे एक प्लेटफॉर्म पर स्वामी विवेकानंद की कांसे की मूर्ति स्थापित की गई है. साढ़े आठ फीट ऊंची यह मूर्ति एकदम सजीव सी दिखती है.

इस मेमोरियल में दो मंडप बनाए गए हैं, जिनके नाम है श्रीपद मंडपम और विवेदानंद मंडपम. श्रीपद मंडपम एक वर्गाकार हॉल है, जिसमें गर्भ गृह, आंतरिक प्रकारम, वाह्य प्रकारम और बाह्य प्लेटफॉर्म है. वहीं, स्वामी विवेकानंद के सम्मान में बनाए गए विवेकानंद मंडपम में मुख्य प्रवेश द्वार, ध्यान मंडपम, सभा मंडपम और मुख मंडपम आकर्षण का केंद्र हैं. ध्यान मंडपम में पर्यटक भी ध्यान लगा सकते हैं.

कब लिया विवेकानंद रॉक मेमोरियल बनाने का फैसला?

यह साल 1960 की बात है. विवेकानंद जन्म शताब्दी समारोह के दौरान यह फैसला किया गया कि विवेकानंद रॉक मेमोरियल का निर्माण किया जाएगा. इसके बाद 6 नवंबर 1964 को काम शुरू हुआ और लगभग छह साल में यह तैयार हो गया. दो सितंबर 1970 को इस मेमोरियल का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि ने किया था. यही नहीं, तब यह उद्घाटन समारोह लगभग दो महीने तक चला था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी हिस्सा लिया था.

इतना आया था निर्माण पर खर्च, सबने दिया था दान

विवेकानंद मेमोरियल के निर्माण का निर्णय लिया गया तो धन की जरूरत पड़ी. इसके लिए निर्माण का सपना संजोए लोगों ने देश की सभी राज्य सरकारों से गुहार लगाई. मेमोरियल के सबसे पहला दान चिन्मय मिशन के स्वामी चिन्मयानंद ने दिया. इसके बाद लगभग सभी राज्य सरकारों ने एक-एक लाख रुपए का दान दिया. देश भर के करीब 30 लाख लोगों ने इसमें अपनी भागीदारी निभाई और एक रुपए से लेकर दो रुपए, पांच रुपए और यथाशक्ति दान किया. तब इन दान दाताओं में करीब एक फीसदी युवा थे. उस समय इसके निर्माण पर करीब 1.35 करोड़ रुपए का खर्च आया था.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-china

‘शांति पहल’ के नाम पर ‘कूटनीतिक झांसा’ दे रहा है चीन?

February 26, 2023

93वां बलिदान दिवस: कब-कहां पैदा हुए? सवालों के जवाब से आजाद अब भी आजाद!

February 26, 2024
CSIR-IHBT

CSIR-IHBT में 9वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव कर्टेनरेज़र का आयोजन

December 15, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • कैबिनेट मंत्रियों संग सेवा तीर्थ में PM मोदी करेंगे ‘चिंतन शिविर’
  • बीजेपी संगठन में फेरबदल, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़-हरियाणा की जिम्मेदारी
  • बैंक FD से भी ज्यादा मुनाफा! हर महीने मिलेंगे पूरे ₹20500, सरकार दे रही 8.2% का ब्याज

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.