नई दिल्ली। त्यौहारों का सीजन जब भी आता है अपने साथ बहुत सारे कमाई के मौके लेकर आता है. किसानों से लेकर दुकानदारों और तमाम बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए सीजन सबसे जरूरी होता है. अगर कोई किसान आलू से ताबड़तोड़ा प्रॉफिट कमाना चाहता है तो ये मौका उसके लिए सबसे बेस्ट है. क्योंकि इस समय यदि कोई आलू की खेती करेगा तो उसे दिसंबर में काफी तेजी से मुनाफा होगा. आइये बताते हैं कैसे.
अगेती आलू की बुआई का समय
दरअसल ये समय अगेती आलू की बुआई का है, ऐसे में एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स के मुताबिक सितंबर के महीने में ही यदि आलू की बुआई कर देंगे. तो 70 से 80 दिन में आलू की फसल तैयार हो जाएगी. दिसंबर में जब फसल तैयार हो जाएगी तब किसान इसे खुदाई कर मंडी में या बाजारों में आसानी से बेच सकते हैं. ऐसे समय में किसानों को इतने आलू की बुआई तो जरूर करना चाहिए, जिससे कि ये उनके घर के काम भी आ जाए और बेचने के काम भी आए.
समय है सबसे महत्वपूर्ण
अगेती आलू की बुआई या खेती के लिए समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. इसलिए किसानों को 15 से 20 सितंबर के बीच खेत को जुताई के लिए तैयार कर लेना चाहिए. फसल की बुआई के बार महज 70 से 80 दिन में ही आलू की फसल तैयार हो जाएगी. इसके बाद किसान इसी खेत में गेहूं की फसल भी बो सकते हैं. ये किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा.
क्यों फायदेमंद है अगेती आलू की खेती?
बता दें कि अगेती आलू की फसल सबसे जल्दी तैयार हो जाती है, ये किसानों के लिए इसलिए काफी फायदेमंद है. खासतौर से इस मौसम में यानी फेस्टिव सीजन में आलू का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है. सर्दी का मौसम आते ही घरों में आलू के चिप्स भी बनते हैं, जिसके चलते लोग आलू को काफी मात्रा में खरीदते भी हैं.
हालांकि फसल के दाम कभी भी तय नहीं होते हैं इसलिए किसानों को सोच समझकर ही फैसला करना चाहिए. बाजार में जो दाम में आलू बिकेगा इसका अंदाजा पहले से नहीं लगाया जा सकता है. ऐसे में किसानों को किसी भी अनुमान के हिसाब से नहीं बल्कि सोच- समझकर ही सारे फैसले करना चाहिए. लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है 15 से 20 सितंबर के बीच में खेत को तैयार करना.







