चंडीगढ़ : पंजाब के खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के लिए मुश्किल और बढ़ने वाली है। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की विवादित वीडियो की फरेंसिक रिपोर्ट भेज दी है। फरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है। उसमें दिखने वाले सभी किरदार सही हैं। राज्यपाल ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा की शिकायत के साथ रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा दिया है।
मुख्यमंत्री पर मिनिस्टर पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा
इस मामले में विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस के सुखपाल खैरा ने राज्यपाल को खुद वीडियो सौंप कर जांच की मांग की थी। बीजेपी के नेता सिरसा, शिरोमणि अकाली दल के मजीठिया भी सरकार को घेरे हुए हैं और मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि मुख्य मंत्री भगवंत मान मंत्री लाल चंद कटारूचक्क को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अब इस रिपोर्ट के बाद उन पर अपने मिनिस्टर पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
पीड़ित की शिकायत पर अनुसूचित जाति आयोग ने चीफ सेक्रेटरी और पंजाब के डीजीपी से जवाबतलबी की थी। नोटिस जारी कर तीन वर्किंग दिनों में जवाब देने के लिए कहा, जिसका पंजाब के चीफ सेक्रेटरी व डीजीपी जवाब देंगे। चीफ सेक्रेटरी व डीजीपी से पूछा गया है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई? अगर कोई एफआईआर दर्ज की गई तो उसके बाद की कार्रवाई के बारे में बताएं।
सोशल मीडिया पर पीड़ित युवक ने बताई थी कहानी
दो दिन पहले पीड़ित युवक ने सोशल मीडिया पर इस मामले की जानकारी दी थी। उसने कहा कि मंत्री उसे काम के बहाने से बुलाते और उस से संबंध बनाते। उसे मिल रही धमकियों के बारे में भी बताया। आयोग ने पंजाब सरकार को पीड़ित को उचित सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कहा है।







