नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा मुश्किलों में घिरते दिख रहे हैं। उन पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगा है। दरअसल, दिल्ली सेवा विधयेक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए उन्होंने राज्यसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर पांच सासंदों के नाम और उनके हस्ताक्षर थे। इन सांसदों का कहना है कि उन्होंने चड्ढा के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। सूत्रों का कहना है कि सांसदों की शिकायत के बाद राज्यसभा के चेयरमैन चड्ढा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने इन शिकायतों की जांच के आदेश दिए हैं।
सोमवार को दिल्ली सेवा विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो गया। विधेयक के समर्थन में 131 वोट और इसके खिलाफ 102 वोट मिले। इस विधेयक पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होते ही यह प्रभावी हो जाएगा। इस विधेयक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री की शक्तियां कम कर दी हैं। अब उप राज्यपाल ही दिल्ली के ‘बॉस’ होंगे।
मैं अपना जवाब समिति को दूंगा-चड्ढा
वहीं, फर्जी हस्ताक्षर मामले में चड्ढा ने कहा है कि ‘विशेषाधिकार समिति को नोटिस भेजने दीजिए, मैं अपना जवाब समिति को दूंगा।’ हालांकि, चड्ढा के इस प्रस्ताव को राज्यसभा में ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। बीजद के सस्मित पात्रा एवं एआईएडीएमके के एम थम्बीदुराई सहित चार सांसदों ने शिकायत की है कि उनकी सहमति के बगैर उनके नाम प्रस्ताव में शामिल किए गए। वहीं, इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि बिना सहमति के नाम शामिल करना ‘जालसाजी’ है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
ये बहुत ही खतरनाक लोग-संजय सिंह
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘देश के गृह मंत्री अमित शाह, राघव चड्ढा के पीछे पड़े हैं। जिस तरह से झूठे एवं निराधार मामले में राहुल गांधी की संसद सदस्यता छीनी गई उसी तरह से ये राघव चड्ढा की सदस्यता छीनना चाहते हैं। ये बहुत ही खतरनाक लोग हैं।’ बता दें कि नियम का उल्लंघन करने पर संजय सिंह मानसून सत्र से निलंबित हो चुके हैं।







