प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले में हुई एक घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। यह घटना कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की संयुक्त ‘वोटर अधिकार यात्रा’ (Voter Adhikar Yatra) के दौरान घटी, जो बिहार विधानसभा चुनावों से पहले चल रही है। यात्रा का उद्देश्य वोटर अधिकारों, आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना बताया जा रहा है, लेकिन दरभंगा में एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों (गाली) का इस्तेमाल होने का वीडियो वायरल हो गया।
घटना कब और कहां हुई ?
घटना दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के अतरबेल इलाके में 27 अगस्त को हुई। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का काफिला यात्रा के दौरान वहां से गुजरा। यात्रा पटना के गांधी मैदान में 1 सितंबर को समाप्त होने वाली है।
एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां (स्वर्गीय हीराबेन मोदी) के लिए अत्यंत अपमानजनक और अभद्र भाषा (मां-बहन वाली गाली) का इस्तेमाल किया गया। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि मंच पर मौजूद व्यक्ति ने पीएम मोदी के लिए गंदी गालियां दीं। यह भाषा इतनी असभ्य बताई जा रही है कि इसे सार्वजनिक रूप से दोहराना भी संभव नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया।
मंच का आयोजन
यह मंच आधिकारिक कांग्रेस या गठबंधन का नहीं था, बल्कि यूथ कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेता मोहम्मद नौशाद (Mohammad Naushad) ने अपने समर्थकों के लिए अलग से बनवाया था। नौशाद जाले विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के दावेदार हैं। वीडियो में गाली देने के बाद एक अन्य व्यक्ति माइक लेता है और नौशाद के समर्थन में नारेबाजी करवाता है, जिससे लगता है कि यह उनके आयोजन का हिस्सा था।
राहुल गांधी का काफिला इस मंच के पास से गुजरा, लेकिन आधिकारिक कांग्रेस मंच पर रुकावट नहीं हुई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल का काफिला नौशाद के मंच के सामने रुका तक नहीं, और वे मुजफ्फरपुर की ओर जा रहे थे। हालांकि, बीजेपी का आरोप है कि “यह राहुल के मंच से ही हुआ, क्योंकि पूरा आयोजन यात्रा के हिस्से के तहत था।”
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मोहम्मद नौशाद का बयान
जब नौशाद से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि “वीडियो एडिटेड हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि “उनके समर्थकों ने ऐसा नहीं किया, और वे पीएम मोदी का सम्मान करते हैं। जांच की मांग की। सिंहवाड़ा प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष रेयाज अहमद डेजी ने घटना की निंदा की और कहा कि आधिकारिक पार्टी मंच पर ऐसा नहीं हुआ। विधानसभा प्रभारी मेराज अली ने बताया कि “राहुल का काफिला मुख्य मंच पर रुका था, नौशाद के मंच पर नहीं। कांग्रेस ने इसे अलग आयोजन बताया, लेकिन कोई आधिकारिक माफी नहीं जारी की। कुल मिलाकर, कांग्रेस ने इसे अपनी जिम्मेदारी से जोड़ने से इनकार किया, लेकिन विवाद बढ़ने पर चुप्पी साध ली।
बीजेपी की प्रतिक्रिया और कार्रवाई कड़ी निंदा
बीजेपी ने इसे “राजनीति का सबसे निचला स्तर” बताया। प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “राहुल गांधी मंच पर खड़े होकर पीएम मोदी के लिए मां-बहन की गाली करवा रहे हैं। यह बर्दाश्त के काबिल नहीं। राहुल को देश से माफी मांगनी चाहिए।” महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने राहुल पर तंज कसा, “राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।”
बिहार बीजेपी कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने पटना के गांधी मैदान थाने में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसमें पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों का जिक्र है। FIR दर्ज हो गई, और बीजेपी ने राहुल के पटना कार्यक्रम को रोकने की धमकी दी।
बिहार की जनता माफ नहीं करेगी
बीजेपी ने X पर पोस्ट किया कि “तेजस्वी और राहुल ने अपनी हताशा में पीएम मोदी की मां को गाली दिलवाई। बिहार की जनता माफ नहीं करेगी।” BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “कांग्रेस महात्मा गांधी का ढोंग कर रही है, लेकिन गाली-गलौज करा रही है।”
वोटर अधिकार यात्रा
यह यात्रा बिहार चुनावों से पहले कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन की रणनीति का हिस्सा है। राहुल और तेजस्वी वोट चोरी, आरक्षण और बेरोजगारी पर हमलावर हैं। यात्रा में अन्य नेता जैसे एमके स्टालिन और रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए, जिन्हें बीजेपी बिहारवासियों का अपमान करने वाला बता रही है।
यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी नेता पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल कर रहे। पुरानी घटनाओं में राहुल ने मोदी को “नमूना” कहा, कमलनाथ ने बाप-दादा पर टिप्पणी की, और अन्य ने हिटलर या कुत्ते की मौत जैसे शब्द इस्तेमाल किए। लेकिन यह घटना मां को निशाना बनाने के कारण सबसे विवादास्पद है।
“अपमान और घृणा की यात्रा”: बीजेपी
बीजेपी इसे हथियार बनाकर कांग्रेस को घेर रही है, जबकि कांग्रेस इसे स्थानीय नेता की गलती बता रही। बिहार चुनावों में यह मुद्दा गर्म रह सकता है।
यह घटना बिहार की राजनीति को और गर्म कर रही है। वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन अधिकांश स्रोत इसे सही मान रहे। कांग्रेस को इससे नुकसान हो सकता है, क्योंकि बीजेपी इसे “अपमान और घृणा की यात्रा” बता रही। यदि कोई नई अपडेट आती है, तो जांच के बाद स्पष्टता मिल सकती है।
नोट: वायरल वीडियो में अभद्र भाषा का प्रयोग अधिक होने के कारण वीडियो जारी नहीं की गई है