नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय के वित्तीय प्रबंधन को ज्यादा पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने के लिए तीन प्रमुख डिजिटल पहलों की शुरुआत की है. इनमें सेना के फाइनेंशियल सिस्टम को जोड़ना, रक्षा मंत्रालय में ट्रेजरी सिंगल अकाउंट सिस्टम लागू करना और रक्षा खर्च की निगरानी के लिए नेशनल कम्पाइलेशन सिस्टम को नए सिरे से तैयार करना शामिल है.
राजनाथ सिंह ने 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के DRDO भवन में रक्षा लेखा विभाग (Defence Accounts Department-DAD) के 279वें वार्षिक दिवस समारोह में इन पहलों का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य अधिकतम डिजिटलीकरण, अधिकतम ऑटोमेशन और अधिकतम पारदर्शिता होना चाहिए.
सेना के वित्तीय सिस्टम आपस में जुड़ेंगे
रक्षा मंत्री ने रक्षा लेखा विभाग के SAKSHAM सिस्टम को भारतीय सेना के फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (IAFIS) से जोड़ने की पहल की सराहना की. इस एकीकरण से बजट, मंजूरी और बिलों से जुड़ी जानकारी दोनों सिस्टम के बीच डिजिटल तरीके से साझा की जा सकेगी.
इससे बिलों की स्थिति और बजट में उपलब्ध राशि की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी. साथ ही, बिलों के निपटारे की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस बनाने में मदद मिलेगी. इससे वित्तीय प्रक्रिया में लगने वाला समय कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी.
राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना के वित्तीय सिस्टम के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. उन्होंने बजट की सालाना समीक्षा के बजाय किसी भी समय समीक्षा की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, ताकि रियल टाइम डेटा के आधार पर समय पर फैसले लिए जा सकें.
अब जरूरत के हिसाब से जारी होगा फंड
रक्षा मंत्रालय में ट्रेजरी सिंगल अकाउंट (TSA) सिस्टम की भी शुरुआत की गई. इसका उद्देश्य मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त संस्थानों को जरूरत के समय यानी जस्ट इन टाइम आधार पर फंड जारी करना है.
यह सिस्टम PRISM प्लेटफॉर्म के जरिए काम करेगा और RBI के e-KUBER सिस्टम से जुड़ा है. इससे फंड के आवंटन, सरकारी अनुदान और खर्च का हिसाब रखने में आसानी होगी. साथ ही, मंत्रालय को यह समझने में मदद मिलेगी कि कितना पैसा जारी हुआ और कितना खर्च किया गया.
रक्षा खर्च की निगरानी होगी आसान
राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय के नए नेशनल कम्पाइलेशन सिस्टम (NCS) को भी लॉन्च किया. यह देशभर में रक्षा खर्च के लेखांकन और संकलन का प्रमुख सिस्टम है. नए तकनीकी ढांचे पर तैयार इस सिस्टम से रक्षा बजट और खर्च की ज्यादा सटीक निगरानी की जा सकेगी। इसके जरिए रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सेना मुख्यालय और संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को जरूरत के मुताबिक विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट मिल सकेगी. इससे बजट की योजना बनाने, खर्च का आकलन करने और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
पेंशन और शिकायतों के निपटारे पर भी जोर
रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों और रक्षा कर्मियों की पेंशन तथा अन्य वित्तीय मामलों से जुड़ी शिकायतों के जल्द निपटारे पर भी जोर दिया. उन्होंने SPARSH यानी System for Pension Administration (Raksha) के तहत डेटा सुधार के काम की सराहना की. राजनाथ सिंह ने सुझाव दिया कि शिकायतों के समाधान के लिए कन्वर्सेशनल AI आधारित व्यवस्था विकसित की जाए.
इसके जरिए चैट, SMS, WhatsApp, ईमेल और फोन कॉल जैसे माध्यमों से शिकायतों का समाधान किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के वैध बकाया और सेवा संबंधी अधिकारों के मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम किया जाना चाहिए. उन्होंने ऑडिट की गुणवत्ता सुधारने और लंबित शिकायतों तथा अदालती मामलों के जल्द निपटारे पर भी जोर दिया.
अग्निवीरों के वेतन का डिजिटल प्रबंधन
रक्षा लेखा विभाग का SAMAR-SETU सिस्टम भारतीय सेना के अग्निवीरों के वेतन और भत्तों का प्रबंधन करता है. यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए 2.3 लाख से अधिक अग्निवीरों के वेतन खातों का प्रबंधन कर रहा है.
समारोह में रक्षा मंत्री ने रक्षा लेखा विभाग की तीन प्रमुख पुस्तकों का भी विमोचन किया. इनमें Comprehensive Statistical Handbook on Defence Expenditure (COSHE) 2026, रक्षा लेखा भारती और Market Intelligence Report 2025-2026 शामिल हैं. इसके अलावा, रक्षा पेंशन प्रबंधन प्रणाली SPARSH की उपलब्धियों पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई.
रक्षा खर्च में करीब 100 फीसदी उपयोग की सराहना
राजनाथ सिंह ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रक्षा बजट के लगभग 100 फीसदी उपयोग के लिए रक्षा लेखा विभाग और तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयासों की सराहना की. उन्होंने राजस्व खरीद की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने वाले SAMPURNA सिस्टम को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया. इस सिस्टम में डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाना है.
कई अधिकारी और टीमें हुईं सम्मानित
रक्षा लेखा विभाग के 279वें वार्षिक दिवस समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा वित्त सचिव विश्वजीत सहाय और वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस मौके पर रक्षा प्रबंधन, डिजिटलीकरण और वित्तीय पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों और टीमों को रक्षा मंत्री पुरस्कार 2026 से भी सम्मानित किया गया.







